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पेट्रोल पंप का छज्जा गिरने से बेटे की मौत: सिर पर लगा हेलमेट हुआ चकनाचूर, गिड़गिड़ाते रहे पिता, कर्मचारियों ने नहीं की मदद

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आगरा में दीवानी के गेट नंबर एक स्थित पेट्रोल पंप पर रविवार शाम तूफान में छज्जा गिरने से बालक यश की मौत के बाद पिता दिलीप कुमार पंप कर्मियों पर खासे नाराज दिखे। उन्होंने पंप कर्मियों पर मदद न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके चार साल के बेटे को सिर में गंभीर चोट लगी थी, खून बह रहा था। वह पंप कर्मियों से बेटे को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए मदद मांग रहे थे लेकिन किसी ने मदद नहीं की। अंतत: वह बेटे को बचा नहीं सके। 

मूलरूप से सादाबाद के बिसावर निवासी दिलीप कुमार ने पुलिस को बताया कि वह टेढ़ी बगिया में किराये पर रहते हैं। छोटे बेटे यश के साथ एंटी रैबीज का इंजेक्शन लेने बाइक से देहली गेट गए थे। लौटते में पंप पर पेट्रोल भरवाने लगे। तूफान आने पर छज्जे के नीचे खड़े हो गए। छज्जा गिरने से यश के सिर में गंभीर चोट आई। वह बेटे को जैसे-तैसे अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां मौत हो गई। थानाध्यक्ष न्यू आगरा अरविंद निर्वाल ने बताया कि  पंप का छज्जा गिरने से हादसा हुआ। तहरीर मिली है। 

मासूम की मौत के बाद परिजन पेट्रोल पंप पर पहुंच गए। उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोश व्यक्त किया। दिलीप ने आरोप लगाया कि उन्होंने बेटे को अस्पताल ले जाने के लिए पंप कर्मियों से कहा, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। इस पर हाथ जोड़े। काफी देर तक प्रार्थना करते रहे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। इस पर एक राहगीर से सहायता मांगी। तब बेटे को देहली गेट स्थित एक अस्पताल में ले जा सके। 

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अस्पताल में बेटे को वेंटिलेटर पर रखा गया, उसने दम तोड़ दिया। बेटे की मौत से मां पूजा बेसुध हो गई। वहीं पिता ने पंप कर्मियों के खिलाफ थाने में तहरीर दे दी है। यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद पहुंची पुलिस यही कह रही थी कि हादसा हुआ है। वह पंप वालों का पक्ष ले रही थी। पंप पर तो सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं थे। 

दूसरी ओर, पंप के कर्मचारी अशोक ने बताया कि पिता-पुत्र तेज हवा चलने पर पंप पर रुक गए थे। तभी अचानक हादसा हो गया। बच्चे को अस्पताल ले जाने पर पिता की पूरी मदद की थी। लापरवाही और मदद नहीं करने का आरोप गलत है। पंप मैनेजर भी अस्पताल गए थे। पुलिस भी आ गई थी। 

बेटे के सिर पर लगा हेलमेट हुआ चकनाचूर

दिलीप के दोस्त राजू जैसवाल ने बताया कि दिलीप खुद हेलमेट पहने हुए थे। जब तूफान आया तो धूल भी काफी थी। इससे बेटे को बचाने के लिए अपना हेलमेट उतारकर पहना दिया। खुद अंगोछा बांधकर खड़े हो गए। पंप के छज्जे का मलबा गिरा तो बेटे के सिर पर आया। इसमें हेलमेट भी चकनाचूर हो गया। मलबा गिरने से बेटे के सिर में गंभीर चोट लगी।

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