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वन्यजीव बाहुल्य इस वन रेंज में सैर सपाटा करने और वन्यजीवों को देखने का सपना आज साकार होने जा रहा है। अमानगढ़ की गोद प्रकृति ने पेड़-पौधों व सुंदर वन्यजीवों से भरी हुई है। क्षेत्रफल की बात करें तो अमानगढ़ का रकबा एक लाख बीघा जमीन से अधिक है। उत्तराखंड बनने से पहले यह जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का बफर जोन होता था। यह अपने आप में वन्य जीव, सैकड़ों प्रजाति के पक्षी, वनस्पति को समेटे हुए है।
27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी हैं आकर्षण का केंद्र
अमानगढ़ वन रेंज में हर वो वन्य जीव मौजूद हैं, जिसे देखने लोग हजारों रुपये खर्च कर कार्बेट पार्क जाते हैं। वहां पर 27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी हैं। इसके अलावा भालू, गुलदार, पैंगोलिन, अजगर जैसे जीव भी दिखाई देते हैं। यहां पर चीतल, हिरण के दर्जनों की संख्या में झुंड दिखाई पड़ते हैं।
वन्य जीव संख्या
बाघ 27
गुलदार 45
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074
(नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।)
दुर्लभ प्रजाति के लकड़बग्घे मिले
अमानगढ़ के एरिया के पास में सफेद धारी वाले लकड़बग्घे भी मिले थे। ये दुर्लभ प्रजाति के होते हैं। इनके होने का पहले पता तक नहीं था। दो साल पहले किसी वाहन की चपेट में आकर एक लकड़बग्घे की मौत हो गई थी। तब पहली बार वहां लकड़बग्घा होने का पता चला था। इसके कुछ दिन बाद एक लकड़बग्घे ने किसानों पर भी हमला बोल दिया था और किसानों ने उसे मार दिया था।
डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि अमानगढ़ में पर्यटन शुरू होना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे जिले की ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहर को भी पहचान मिलेगी और पूरा बिजनौर पर्यटन के मानचित्र पर अलग पहचान कायम करेगा। लोग गंगा बैराज बिजनौर, विदुरकुटी, मोरध्वज का किला, पत्थरगढ़ का किला, मालन समेत तमाम जगहों को देखने बिजनौर आएंगे।
हमारी तैयारी पूरी, आज देंगे प्रवेश: डीएफओ
डीएफओ डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि हम पर्यटन शुरू करने की तैयारी पूरी कर चुके हैं। रास्ते, गेट तैयार हो गए हैं। साथ ही जंगल से बाहर कुछ वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी कराई हैं। कल पर्यटकों का पहले दल को जंगल में प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फीस आदि भी तय कर ली गई है।
डीएम ने किया निरीक्षण, कार्य तेजी से कराने के निर्देश दिए
अमानगढ़ में पर्यटन शुरू होने से एक दिन पहले डीएम उमेश मिश्रा ने केहरीपुर का दौरा किया और वहां हो रही तैयारियों का जायजा लिया। डीएम ने संबंधित विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियों को पूरा करने के निर्देश दिए। इससे पूर्व डीएम ने प्रेसवार्ता कर अमानगढ़ में पर्यटन के प्रयास के बारे में विस्तार से बताया। सोमवार शाम डीएम अमानगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे। डीएम ने डीएफओ डॉ. अनिल पटेल को निर्देश देते हुए कहा कि मंगलवार को अमानगढ़ टाइगर रेंज में पर्यटन शुरू करने से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर लें। पर्यटकों के लिए शौचालय, स्वच्छ पेयजल, ठहरने एवं विश्राम के लिए उपयुक्त स्थान आदि आवश्यक सभी व्यवस्थाओं को गुणवत्ता पूर्वक पूरा करने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश भी दिए।
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