इंदिरा मैराथन : जब समाप्ति रेखा पर पहुंचकर धराशायी हो गए उपविजेता विक्रम बंगरिया

0
100

[ad_1]

Prayagraj News :  इंदिरा मैराथन में फिनिशिंग लाइन पर लड़खड़ाकर गिर गए द्वितीय विजेता विक्रम बंगरिया।

Prayagraj News : इंदिरा मैराथन में फिनिशिंग लाइन पर लड़खड़ाकर गिर गए द्वितीय विजेता विक्रम बंगरिया।
– फोटो : अमर उजाला।

ख़बर सुनें

इंदिरा मैराथन में दूसरा स्थान हासिल करने वाले महाराष्ट्र के विक्रम बंगरिया 42.195 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने के बाद जैसी से ही मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में प्रवेश किया तो पूरा स्टेडियम भारत माता की जय के जयकारों से गूंज उठा। विक्रम बंगरिया समाप्ति रेखा पर पहुंचते पहुंचते लड़खड़ा गए और समाप्त रेखा पर ही धराशायी हो गए। लोगों ने उन्हें तत्काल उठाकर उनका उत्साहवर्धन किया। इसी तरह कई और धावक समाप्ति रेखा के पहले गिर पड़े, जिनका उपचार कराया गया। स्टेडियम में चिकित्सकों की टीम के साथ ही कई एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी।

नहीं मिली इलेक्ट्रॉनिक चिप, धावकों ने बिना चिप के लगाई दौड़
इंदिरा मैराथन शुरू होने से पहले कई धावक इलेक्ट्रॉनिक चिप के लिए शुक्रवार की रात से शनिवार सुबह तक परेशान रहे। इलेक्ट्रॉनिक चिप शुक्रवार को ही स्टेडियम में धावकों को बांटी जानी थी, लेकिन देर शाम तक चिप नहीं आ सकी, जिसके बाद धावकों से कहा गया कि सुबह उद्घाटन स्थल पर ही चिप बांट दी जाएगी। सुबह धावक चिप के लिए पूछताछ करते रहे लेकिन मालूम चला इस बार बिना चिप के ही दौड़ना होगा। उप क्रीड़ाधिकारी देवी प्रसाद ने बताया कि फेडरेशन ऑफ इंडिया दिल्ली से इस चिप को भेजता है। गाड़ी खराब होने के चलते वह समय से नहीं पहुंच सकी। 

महज नौ प्रतिशत ने निर्धारित समय में पूरी की दौड़
क्षेत्रीय खेल कार्यालय की ओर से पहले से ही घोषणा कर दी गई थी कि पुरुष वर्ग में तीन घंटे और महिला वर्ग में साढ़े तीन घंटे में दौड़ पूरी करने वाले विजेताओं को ही प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। मैराथन में कुल 419 धावकों ने हिस्सा लिया था, जिनमें पुरुष वर्ग से 336 और महिला वर्ग से 83 धावक शामिल हैं।

यह भी पढ़ें -  Aligarh News: एएमयू के अल्लामा इकबाल हॉल में बारहवीं के छात्र पर हमला, घायल

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ उत्तर प्रदेश के अनुसार पुरुष वर्ग से तीन घंटे में महज 24 और महिला वर्ग से साढ़े तीन घंटे में केवल 14 धावक ही फिनिशिंग लाइन तक पहुंचे। यह कुल संख्या के केवल नौ फीसदी ही है। मैराथन के बाद टॉप-14 धावकों के अलावा अधिकतर धावक स्टेडियम से जा चुके थे। इसलिए इन धावकों को प्रमाण पत्र नहीं दिया जा सका। समय के भीतर दौड़ को पूरा कर लेने वाले सभी धावकों को क्षेत्रीय खेल कार्यालय की ओर से प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। 

विस्तार

इंदिरा मैराथन में दूसरा स्थान हासिल करने वाले महाराष्ट्र के विक्रम बंगरिया 42.195 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने के बाद जैसी से ही मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में प्रवेश किया तो पूरा स्टेडियम भारत माता की जय के जयकारों से गूंज उठा। विक्रम बंगरिया समाप्ति रेखा पर पहुंचते पहुंचते लड़खड़ा गए और समाप्त रेखा पर ही धराशायी हो गए। लोगों ने उन्हें तत्काल उठाकर उनका उत्साहवर्धन किया। इसी तरह कई और धावक समाप्ति रेखा के पहले गिर पड़े, जिनका उपचार कराया गया। स्टेडियम में चिकित्सकों की टीम के साथ ही कई एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी।



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here