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उन्नाव। शहर के तमाम मोहल्लों में पेयजल किल्लत है। दो नलकूपों से 36 घंटे बाद जलापूर्ति चालू हो गई, लेकिन अभी दो की मरम्मत चल रही है। शहर के सबसे ऊंचाई वाले मोहल्ले किला में रोजेदार पानी की समस्या से परेशान हैं। हालांकि नगर पालिका टैंकरों से पानी पहुंचा रहा है। लेकिन यह नाकाफी है। बाबूगंज और किला में ट्यूबवेल मरम्मत का काम जारी है। जलकल अभियंता के अनुसार, शुक्रवार सुबह तक जलापूर्ति शुरू हो जाएगी।
मंगलवार को शहर के भरत मिलाप, मौहारीबाग, बाबूगंज और किला स्थित नलकूपों की मोटर खराब हो गई थीं। इससे सिविल लाइन, मोतीनगर, नगर, जेरघुस सहित कुल 38 मोहल्लों की जलापूर्ति ठप हो गई थी। हालांकि दो नलकूपों की मरम्मत कर 36 घंटे बाद जलापूर्ति फिर शुरू हो गई, लेकिन किला और बाबूगंज ट्यूूबवेल की मरम्मत गुरुवार को भी जारी रही।
इससे एक दर्जन से अधिक मोहल्लों में जलापूर्ति 48 घंटे बाद भी चालू नहीं हो पाई। लोगों को हैंडपंपों और आसपास के उन लोगों का सहारा लेना पड़ रहा है जिन्होंने सबमर्सिबल पंप लगा रखे हैं। नगर पालिका ने दो टैंकरों से जलापूर्ति शुरू कराई है।
लेकिन सुबह सहरी और शाम को इफ्तार के समय लोगों को पानी की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जेई जलकल विवेक वर्मा ने कहा कि दो नलकूप ठीक किए जा चुके हैं। दो नलकूपों में लगी मोटर की मरम्मत हो रही है। शुक्रवार सुबह तक जलापूर्ति सामान्य हो जाएगी। वहीं प्रभावित मोहल्लों में पानी की आपूर्ति के लिए टैंकरों की व्यवस्था की गई है।
टूटी टंकी से हर दिन बहता हजारों लीटर पानी
किला में करीब 150 साल पुरानी बनी पानी की टंकी जगह-जगह से टूट गई है। वहीं पालिका ने इसकी कभी मरम्मत नहीं कराई। अब पालिका प्रशासन किला की नलकूल फुंकी होने पर 15 नंबर नलकूप से इसमें पानी की आपूर्ति कर रहा है। पानी की टंकी जगह-जगह से दरक गई है। ऐसे में हजारों लीटर पानी सड़क की नालियों में बह रहा है। इस पर लोगों की खासी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि यह टंकी ठीक होती तो पानी की दिक्कत इतनी न होती।

किला में पालिका के टैंकर से पानी भरते लोग। संवाद– फोटो : UNNAO
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