गलत दवा के प्रयोग से सड़ा था आलू बीज

0
22

[ad_1]

ख़बर सुनें

गंजमुरादाबाद। ब्लॉक क्षेत्र में करीब 80 बीघे में बोया गया आलू का बीज गलत दवा का इस्तेमाल करने से सड़ गया था। जांच करने वाले कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बीज शोधन में पौध और फसल बढ़ाने वाली दवा का प्रयोग करने से ऐसा हुआ है। जांच रिपोर्ट के बाद दवा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
गंजमुरादाबाद ब्लाक के गांव हसनापुर, ताजपुर, भुड्डा, मेला आलमशाह आदि के किसान रामकिशोर, गुड्डन, महेंद्र, संजय सहित 12 किसानों का 80 बीघे में बोया गया आलू का बीज अंकुरित नहीं हुआ था। बीज बाद में सड़ गया था। किसानों ने डीएम को दिए शिकायतीपत्र में बीज व दवा विक्रेताओं द्वारा बीज शोधन के लिए दी गई प्रेरक नामक दवा का प्रयोग करने की जानकारी दी थी।
डीएम के निर्देश पर तीन दिन पहले जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास शुक्ला, जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा, एडीओ कृषि देवी सिंह और कृषि विशेषज्ञ चंद्रेश मौर्या ने मिट्टी, बीज और दवा की जांच की थी।
जांच टीम के अनुसार जो दवा विक्रेताओं ने किसानों को बीज शोधन के लिए दी थी, वह पौध और फसल को बढ़ाने के लिए प्रयोग की जाती है। गलत दवा प्रयोग करने से बीज सड़ गया। एडीओ कृषि देवी सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। गलत दवा देने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी।

यह भी पढ़ें -  दुष्कर्म से बेहोश हुई छात्रा, अधिक रक्तश्राव से मौत

गंजमुरादाबाद। ब्लॉक क्षेत्र में करीब 80 बीघे में बोया गया आलू का बीज गलत दवा का इस्तेमाल करने से सड़ गया था। जांच करने वाले कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बीज शोधन में पौध और फसल बढ़ाने वाली दवा का प्रयोग करने से ऐसा हुआ है। जांच रिपोर्ट के बाद दवा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।

गंजमुरादाबाद ब्लाक के गांव हसनापुर, ताजपुर, भुड्डा, मेला आलमशाह आदि के किसान रामकिशोर, गुड्डन, महेंद्र, संजय सहित 12 किसानों का 80 बीघे में बोया गया आलू का बीज अंकुरित नहीं हुआ था। बीज बाद में सड़ गया था। किसानों ने डीएम को दिए शिकायतीपत्र में बीज व दवा विक्रेताओं द्वारा बीज शोधन के लिए दी गई प्रेरक नामक दवा का प्रयोग करने की जानकारी दी थी।

डीएम के निर्देश पर तीन दिन पहले जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास शुक्ला, जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा, एडीओ कृषि देवी सिंह और कृषि विशेषज्ञ चंद्रेश मौर्या ने मिट्टी, बीज और दवा की जांच की थी।

जांच टीम के अनुसार जो दवा विक्रेताओं ने किसानों को बीज शोधन के लिए दी थी, वह पौध और फसल को बढ़ाने के लिए प्रयोग की जाती है। गलत दवा प्रयोग करने से बीज सड़ गया। एडीओ कृषि देवी सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। गलत दवा देने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी।



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here