Home उत्तर प्रदेश उन्नाव नहीं मिले वाहन, लोडर पर खड़े होकर सफर

नहीं मिले वाहन, लोडर पर खड़े होकर सफर

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उन्नाव। चुनाव के लिए 1600 वाहनों को अधिग्रहीत किया गया है। इसके कारण सोमवार को लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकांश रोडवेज बसें फुल होने से लोगों को लोडर व ट्रक में खड़े होकर सफर करना पड़ा। कई यात्री तो इशारा करते रह गए लेकिन उन्हें वाहन नहीं मिला।
विधानसभा चुनाव में पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने और वापस लाने के लिए निर्वाचन अधिकारियों ने एआरटीओ के माध्यम से 813 बड़े और 822 बड़े वाहन अधिग्रहीत किए हैं। इनमें टाटा मैजिक, टेंपो, मिनी बसें व अन्य यात्री वाहन शामिल हैं। चुनाव के लिए अधिग्रहीत किए गए वाहनों को पुराना नार्मल स्कूल मैदान में खड़ा कराने के बाद, पोलिंग पार्टियों के रवानगी स्थल, अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र भेजा गया है। सोमवार को हसनगंज, नवाबगंज, पुरवा, बीघापुर, अचलगंज, सफीपुर, मियागंज, बांगरमऊ सहित अन्य तहसील व ब्लाक रूटों पर चलने वाले वाहनों की कमी होने से लोगों को काफी दिक्कत हुई। हरदोई पुल, आवास विकास बाईपास तिराहा, गदनखेड़ा बाईपास चौराहा सहित रऊ टेंपो स्टैंड, कानपुर टेंपो स्टैंड, पड़री सहित अन्य टेंपो व बस स्टैंडों पर घंटों वाहनों का इंतजार करना पड़ा। मजबूरी में लोडर और ट्रकों से सफर करना पड़ा।
पांचवें चरण के चुनाव में जाएंगी 35 बसें
उन्नाव। चुनाव में पांचवें चरण के मतदान के लिए जिले से 35 रोडवेज बसें जाएंगी। पांच मार्च तक जिले में 79 के स्थान पर सिर्फ 44 बसें ही रहेंगी। इससे लोगों को परेशानी होगी। हालांकि परिवहन विभाग के अधिकारी बसों के फेरे बढ़ाने की बात कह रहे हैं।
इन रूट पर घटेंगी बसें
लखनऊ-कानपुर हाईवे, उन्नाव-बांगरमऊ रूट से दिल्ली जाने वाली 11 बसें घटाई जाएंगी। वहीं लखनऊ-कानपुर रूट पर 14 बसें, लोकल रूटों पर छह और पूर्वांचल रूट की चार बसें कम होंगी।
वर्जन
एआरएम मो. अशफाक ने बताया कि पांचवें चरण के मतदान के लिए जिले से 35 बसें भेजी जाएंगी। यह बसें 24 फरवरी को पुलिस लाइन से पुलिस बल को लेकर अलग-अलग जिलों में जाएंगी।

यह भी पढ़ें -  रमजान का महीना शुरू, मुस्लिम समाज के लोगों ने रखा रोजा

उन्नाव। चुनाव के लिए 1600 वाहनों को अधिग्रहीत किया गया है। इसके कारण सोमवार को लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकांश रोडवेज बसें फुल होने से लोगों को लोडर व ट्रक में खड़े होकर सफर करना पड़ा। कई यात्री तो इशारा करते रह गए लेकिन उन्हें वाहन नहीं मिला।

विधानसभा चुनाव में पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने और वापस लाने के लिए निर्वाचन अधिकारियों ने एआरटीओ के माध्यम से 813 बड़े और 822 बड़े वाहन अधिग्रहीत किए हैं। इनमें टाटा मैजिक, टेंपो, मिनी बसें व अन्य यात्री वाहन शामिल हैं। चुनाव के लिए अधिग्रहीत किए गए वाहनों को पुराना नार्मल स्कूल मैदान में खड़ा कराने के बाद, पोलिंग पार्टियों के रवानगी स्थल, अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र भेजा गया है। सोमवार को हसनगंज, नवाबगंज, पुरवा, बीघापुर, अचलगंज, सफीपुर, मियागंज, बांगरमऊ सहित अन्य तहसील व ब्लाक रूटों पर चलने वाले वाहनों की कमी होने से लोगों को काफी दिक्कत हुई। हरदोई पुल, आवास विकास बाईपास तिराहा, गदनखेड़ा बाईपास चौराहा सहित रऊ टेंपो स्टैंड, कानपुर टेंपो स्टैंड, पड़री सहित अन्य टेंपो व बस स्टैंडों पर घंटों वाहनों का इंतजार करना पड़ा। मजबूरी में लोडर और ट्रकों से सफर करना पड़ा।

पांचवें चरण के चुनाव में जाएंगी 35 बसें

उन्नाव। चुनाव में पांचवें चरण के मतदान के लिए जिले से 35 रोडवेज बसें जाएंगी। पांच मार्च तक जिले में 79 के स्थान पर सिर्फ 44 बसें ही रहेंगी। इससे लोगों को परेशानी होगी। हालांकि परिवहन विभाग के अधिकारी बसों के फेरे बढ़ाने की बात कह रहे हैं।

इन रूट पर घटेंगी बसें

लखनऊ-कानपुर हाईवे, उन्नाव-बांगरमऊ रूट से दिल्ली जाने वाली 11 बसें घटाई जाएंगी। वहीं लखनऊ-कानपुर रूट पर 14 बसें, लोकल रूटों पर छह और पूर्वांचल रूट की चार बसें कम होंगी।

वर्जन

एआरएम मो. अशफाक ने बताया कि पांचवें चरण के मतदान के लिए जिले से 35 बसें भेजी जाएंगी। यह बसें 24 फरवरी को पुलिस लाइन से पुलिस बल को लेकर अलग-अलग जिलों में जाएंगी।

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