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परियर की घटना को सांसद ने गंगा में मनमाने खनन को बताया वजह

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उन्नाव। परियर घाट पर तीन किशोरों की डूबने से हुई मौत के लिए सांसद ने मनमाने खनन को वजह बताया है। उन्होंने कहा कि सात माह पहले ही इसकी जानकारी हुई थी, डीएम से शिकायत भी की थी। जांच के नाम पर सब ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उन्होंने खनन पट्टा धारक पर कार्रवाई की मांग की है।
मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि तत्कालीन डीएम रवींद्र कुमार से जांच की मांग पर एक कमेटी गठित की गई थी। पता नहीं कि जांच में क्या पाया गया और क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने बताया कि मौजूदा डीएम अपूर्वा दुबे से बात हुई है। खनन माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। डीएम ने बताया कि पूर्व में हुई जांच और कार्रवाई के बारे में उन्होंने फाइलें तलब की हैं। बताया कि जांच में क्या पाया गया था और क्या संस्तुति की गई इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जुर्माना नोटिस तक सीमित रही कार्रवाई
सदर तहसील के परियर घाट के पास बालू खनन के लिए वर्ष 2019 में श्याम इंटरप्राइजेज फर्म को पांच साल का पट्टा हुआ है। संचालक पर प्रतिबंधित मशीनों और रात के समय खनन के आरोप लगे थे। इसपर 28 जनवरी 2022 को तत्कालीन एसडीएम ने रात को निरीक्षण किया था। पोकलैंड मशीन से खनन होने की पुष्टि हुई थी।
जांच के बाद जिला खनन अधिकारी ने पट्टा धारक को छह लाख रुपये जुर्माना जमा करने का नोटिस भेजा था। फिर सब फाइलों में दब गया। प्रभारी खनन अधिकारी/सिटी मजिस्ट्रेट विजेता ने बताया कि श्याम इंटर प्राइजेज को वर्ष 2019 में कुल 26 हेक्टेअर का खनन पट्टा हुआ था। पट्टा के आधार पर परियर का स्नान घाट भी उसी में शामिल है। पूर्व में लोगों की दिक्कतों को देखते हुए पट्टा धारक से स्नान घाट के आसपास खनन करने से रोक दिया गया था।

यह भी पढ़ें -  Unnao News: उन्नावः सिंचाई के लिए निकले श्रमिक का शव मिला

उन्नाव। परियर घाट पर तीन किशोरों की डूबने से हुई मौत के लिए सांसद ने मनमाने खनन को वजह बताया है। उन्होंने कहा कि सात माह पहले ही इसकी जानकारी हुई थी, डीएम से शिकायत भी की थी। जांच के नाम पर सब ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उन्होंने खनन पट्टा धारक पर कार्रवाई की मांग की है।

मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि तत्कालीन डीएम रवींद्र कुमार से जांच की मांग पर एक कमेटी गठित की गई थी। पता नहीं कि जांच में क्या पाया गया और क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने बताया कि मौजूदा डीएम अपूर्वा दुबे से बात हुई है। खनन माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। डीएम ने बताया कि पूर्व में हुई जांच और कार्रवाई के बारे में उन्होंने फाइलें तलब की हैं। बताया कि जांच में क्या पाया गया था और क्या संस्तुति की गई इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जुर्माना नोटिस तक सीमित रही कार्रवाई

सदर तहसील के परियर घाट के पास बालू खनन के लिए वर्ष 2019 में श्याम इंटरप्राइजेज फर्म को पांच साल का पट्टा हुआ है। संचालक पर प्रतिबंधित मशीनों और रात के समय खनन के आरोप लगे थे। इसपर 28 जनवरी 2022 को तत्कालीन एसडीएम ने रात को निरीक्षण किया था। पोकलैंड मशीन से खनन होने की पुष्टि हुई थी।

जांच के बाद जिला खनन अधिकारी ने पट्टा धारक को छह लाख रुपये जुर्माना जमा करने का नोटिस भेजा था। फिर सब फाइलों में दब गया। प्रभारी खनन अधिकारी/सिटी मजिस्ट्रेट विजेता ने बताया कि श्याम इंटर प्राइजेज को वर्ष 2019 में कुल 26 हेक्टेअर का खनन पट्टा हुआ था। पट्टा के आधार पर परियर का स्नान घाट भी उसी में शामिल है। पूर्व में लोगों की दिक्कतों को देखते हुए पट्टा धारक से स्नान घाट के आसपास खनन करने से रोक दिया गया था।

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