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उन्नाव। सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा करने वाले दंपती छोटी-छोटी बातों को लेकर हुए विवाद में अलग होने का फैसला ले लेते हैं। परिवार परामर्श केंद्र ऐसे लोगों को फिर मिलाने में अहम भूमिका निभा रहा है। रविवार को छह दंपतियों में सुलह कराई गई।
16 जोड़े परिवार परामर्श केंद्र पहुंचे। एक महिला ने शादी के पांच साल बाद भी पति के कहीं घुमाने न ले जाने की बात कही। दूल्हा महिला ने पति के तीन साल से झुमकी न दिलाने की बात कही। प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया। परामर्शदाताआें ने उन्हें रिश्तों की अहमियत समझाई। गिले शिकवे दूर कर फिर साथ रहने के लिए राजी किया। वहीं चार अन्य जोड़ों को भी सकुशल विदा किया गया। 10 जोड़ों को अगली तारीख पर बुलाया गया है। सलाहकारों में समिति प्रभारी डाक्टर आशीष श्रीवास्तव, डा. एसके पांडेय व शशिरंजना अग्निहोत्री के अलावा प्रतिसार निरीक्षक राजकुमार मिश्र, निरीक्षक प्रेमलता दीक्षित मौजूद रहे।
उन्नाव। सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा करने वाले दंपती छोटी-छोटी बातों को लेकर हुए विवाद में अलग होने का फैसला ले लेते हैं। परिवार परामर्श केंद्र ऐसे लोगों को फिर मिलाने में अहम भूमिका निभा रहा है। रविवार को छह दंपतियों में सुलह कराई गई।
16 जोड़े परिवार परामर्श केंद्र पहुंचे। एक महिला ने शादी के पांच साल बाद भी पति के कहीं घुमाने न ले जाने की बात कही। दूल्हा महिला ने पति के तीन साल से झुमकी न दिलाने की बात कही। प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया। परामर्शदाताआें ने उन्हें रिश्तों की अहमियत समझाई। गिले शिकवे दूर कर फिर साथ रहने के लिए राजी किया। वहीं चार अन्य जोड़ों को भी सकुशल विदा किया गया। 10 जोड़ों को अगली तारीख पर बुलाया गया है। सलाहकारों में समिति प्रभारी डाक्टर आशीष श्रीवास्तव, डा. एसके पांडेय व शशिरंजना अग्निहोत्री के अलावा प्रतिसार निरीक्षक राजकुमार मिश्र, निरीक्षक प्रेमलता दीक्षित मौजूद रहे।
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