इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गोरखपुर जिले के बड़हल नगर पंचायत की सीमा में सात गांव जोड़ने संबंधित 10 अगस्त 2022 को जारी अधिसूचना को रद कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नगर पंचायत की सीमा में गांवों को जोड़ने के संबंध में निर्धारित प्रक्रिया है, जिसका अधिसूचना जारी करते समय पालन नहीं किया गया।
म्युनिसिपल एक्ट में दी गई प्रक्रिया का पालन किए बिना नगर पंचायत की सीमा को घटाया या बढ़ाया नहीं जा सकता है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार चतुर्थ की खंडपीठ ने सुजीत तथा पांच अन्य ग्राम प्रधानों की जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया है।
याचीगण की ओर से 2020 को अधिसूचना जारी कर नगर पंचायत क्षेत्र में 10 गांव को जोड़ने का प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव के खिलाफ आपत्तियां लंबित रहते हुए 27 जुलाई 2022 को अधिसूचना जारी कर प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया गया।
इसके पश्चात 10 अगस्त 2022 को एक और अधिसूचना जारी की गई, जिसमें कहा गया कि टाइपिंग की गलती के कारण सात गांव उक्त अधिसूचना में शामिल किए जाने से रह गए हैं। इसमें सुधार स्वरूप गरथली, संसारपुर, बसावनपुर, मिश्ररौली, कुराव, महूलिआ और खजुहा को भी जोड़ दिया गया। यह भी कहा कि यूपी म्युनिसिपालिटी एक्ट के प्रावधानों के अनुसार आरंभिक अधिसूचना जारी करके लोगों की आपत्तियों का निस्तारण किए बिना नगर पंचायत की सीमा को घटाया या बढ़ाया नहीं जा सकता।
सरकारी वकील का तर्क था कि सात गांवों को अंतिम नोटिफिकेशन में जोड़ा गया है। इससे पूर्व लोगों की आपत्तियों और सुझावों का निस्तारण कर दिया गया था। 22 जुलाई 2022 की अधिसूचना में टाइपिंग की गलती से सात गांव जोड़े नहीं गए थे। इसको सुधारते हुए 10 अगस्त 2022 की अधिसूचना जारी की गई है।
न्यायालय ने प्रदेश सरकार की इस दलील को अस्वीकार कर दिया। सात गांव की सीमा बढ़ाने के संबंध में प्रस्ताव समाचार पत्रों में प्रकाशित करना चाहिए था और यदि इस पर कोई आपत्ति करता है तो उसकी आपत्ति का नियमानुसार निस्तारण करके ही अंतिम अधिसूचना जारी की जा सकती है। इस आधार पर न्यायालय ने 10 अगस्त 2022 को जारी अधिसूचना को असंवैधानिक व अवैधानिक करार देते हुए रद कर दिया है।
विस्तार
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गोरखपुर जिले के बड़हल नगर पंचायत की सीमा में सात गांव जोड़ने संबंधित 10 अगस्त 2022 को जारी अधिसूचना को रद कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नगर पंचायत की सीमा में गांवों को जोड़ने के संबंध में निर्धारित प्रक्रिया है, जिसका अधिसूचना जारी करते समय पालन नहीं किया गया।
म्युनिसिपल एक्ट में दी गई प्रक्रिया का पालन किए बिना नगर पंचायत की सीमा को घटाया या बढ़ाया नहीं जा सकता है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार चतुर्थ की खंडपीठ ने सुजीत तथा पांच अन्य ग्राम प्रधानों की जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया है।
याचीगण की ओर से 2020 को अधिसूचना जारी कर नगर पंचायत क्षेत्र में 10 गांव को जोड़ने का प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव के खिलाफ आपत्तियां लंबित रहते हुए 27 जुलाई 2022 को अधिसूचना जारी कर प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया गया।