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रावण का पुतला दहन
– फोटो : अमर उजाला
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कोरोना के कारण दो साल से प्रभावित विजयादशमी बुधवार को धूमधाम से मनाई गई। लोग में भी काफी उत्साह देखने को मिला। जिले के ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही, औराई, घोसिया सहित तमाम जगहों पर रामलीला समितियों की ओर से विजयादशमी के पर्व को मनाया गया।
प्रभु श्रीराम और रावण के बीच हुए भीषण जंग के बाद प्रभु अहंकार रूपी रावण के पुतले का दहन किया। रावण के पुतले में आग लगते ही पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा।
वाराणसी के यूपी कालेज के समीप रावण दहन के पूर्व राम रावण युद्ध हुआ। जिसमें भीड़ को नियंत्रित करना पुलिसकर्मियों पर भारी पड़ा।
राम-रावण युद्ध को देखने कई संख्या में लोग मौजूद रहे। बारिश से भीगने के कारण रावण के पुतले को जलाने में दिक्कतें हुई तो लोगों को पुतला गिराकर जलाना पड़ा।
काशी विद्यापीठ चौराहे पर बारिश के बावजूद रावण के पुतले का दहन हुआ। राज्यमंत्री रविन्द्र जायसवाल भी मौजूद रहे।
मलदहिया चौराहे पर रावण का पुतला दहन हुआ तो जय श्रीराम के जयकारे से इलाका गूंज उठा।
वाराणसी के रामनगर में विश्वप्रसिद्ध रामलीला में मंगलवार शाम को रावण दहन किया गया। रावण दहन के समय लंका मैदान पर किले से जुड़ा हुआ राज परिवार का कोई सदस्य वहां नहीं रहता।
महाराज अनंत नारायण सिंह का एक प्रतिनिधि मुख्य अतिथि के रूप में वहां जाता है।
रणभूमि में विभीषण पांच बार परिक्रमा करने के बार अग्नि देते हैं। फिर उसके बाद विभीषण प्रभु राम और लक्ष्मण की आरती करते हैं। इसी के साथ लीला समाप्त हो जाती है।
रावण दहन के दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। किसी ने रावण दहन को कैमरे में कैद किया तो किसी ने वीडियो कॉल के जरिए परिजनों को रावण दहन का दृश्य दिखाया।
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कोरोना के कारण दो साल से प्रभावित विजयादशमी बुधवार को धूमधाम से मनाई गई। लोग में भी काफी उत्साह देखने को मिला। जिले के ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही, औराई, घोसिया सहित तमाम जगहों पर रामलीला समितियों की ओर से विजयादशमी के पर्व को मनाया गया।
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