पीएम मोदी की अध्यक्षता में आज यानी 1 अक्टूबर को कैबिनेट मीटिंग हुई। इस मीटिंग में कई अहम मु्द्दों पर फैसले लिए गए मोहर लगाई गई। देश में 57 नए केंद्रीय विद्यालय खोले जाएंगे, इस फैसले पर मोहर भी आज कैबिनेट मीटिंग में लगाई गई। इससे 86 हजार से अधिक विद्यार्थी को लाभ मिलेगा।केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इन 57 नए केंद्रीय विद्यालयों में से सात केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा और शेष राज्य सरकारों द्वारा प्रायोजित किए जाएंगे। इसमें 20 केन्द्रीय विद्यालयों को ऐसे जिलों में खोलने का प्रस्ताव है, जहां केन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण संख्या के बावजूद वर्तमान में कोई केन्द्रीय विद्यालय नहीं है।
इन 57 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए 2026-27 तक नौ वर्षों की अवधि में कुल 5862.55 करोड़ रुपये की धनराशि की अनुमानित आवश्यकता है। इसमें 2585.52 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय घटक और 3277. 03 करोड़ रुपये का परिचालन व्यय शामिल है।
एनईपी 2020 के लिए अनुकरणीय स्कूलों के रूप में पहली बार इन 57 केवी को बालवाटिकाओं – तीन साल के आधारभूत चरण (प्री-प्राइमरी) के साथ मंजूरी दी गई है। केंद्र ने रक्षा और अर्धसैनिक बलों समेत केंद्र सरकार के स्थानांतरणीय (जो तबादले के योग्य होते हैं) और गैर-स्थानांतरणीय (जो एक ही जगह पर तैनात रहते हैं) कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पूरे देश में एक समान मानक की शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान करने हेतु नवंबर 1962 में केवी की योजना को मंजूरी दी थी। इसके परिणामस्वरूप, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की एक इकाई के रूप में ‘‘केन्द्रीय विद्यालय संगठन’’की शुरुआत हुई।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वर्तमान में 1,288 केंद्रीय विद्यालय हैं। सरकार का मानना है कि इस फैसले से शिक्षा की गुणवत्ता और ज्यादा राज्यों, खासकर दूरदराज और पिछड़े इलाकों तक पहुंच सकेगी।








