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नहीं निकला सूरज, अब और सताएगी सर्दी, बढ़ेगी सर्द हवाओं की रफ्तार

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बीते 48 घंटों में सूरज निकला नहीं और इस बीच सर्दी ने खासा सितम किया। मौसम विभाग ने सर्द हवाओं के साथ सर्दी के सितम के और बढ़ने की संभावना जतायी है। ऐसे में दिन में भी ठिठुरन महसूस होगी। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक हफ्ते में सर्दी अपने सबसे भयानक रूप में होगी।

दरअसल, पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने मैदानी इलाकों के तापमान को सामान्य से 5°C नीचे धकेल दिया है। संभावना है कि रविवार से पुन: घना कोहरा छाने लगेगा, तापमान गिरेगा, बर्फीली पछुआ चलेगी और ठंड बढ़ जाएगी।

मौसम विभाग की रिपोर्ट बताती है कि उत्तर प्रदेश (पश्चिमी व पूर्वी) में आने वाले दिनों में कहीं बारिश, कहीं हल्की धूप तो कहीं धुंध और ठिठुरन रहेगी। माना जा रहा है कि हिमालय की ऊंची चोटियों जैसे सोनमर्ग, रोहतांग और माछिल में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। पश्चिमी यूपी में पॉकेट्स में बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी यूपी में हल्की लेकिन कमजोर धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी।

अगले 4 दिनों तक अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री नीचे बना रहेगा, यानी दिन में भी कड़ाके की ठंड रहेगी। वहीं, सुबह और शाम के समय घना कोहरा यातायात को प्रभावित करेगा, हालांकि 3 जनवरी के बाद इसमें थोड़ी कमी आ सकती है। शीत लहर की बात की जाए तो, उत्तर-पश्चिमी सर्द हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट आएगी। 5 जनवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे 6 और 7 जनवरी को फिर से पहाड़ों पर बर्फबारी और ऋषिकेश-हरिद्वार जैसे इलाकों में बारिश हो सकती है।

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हालांकि कड़ाके की ठंड के बीच एक अच्छी खबर यह है कि 8 से 9 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के कारण दिल्ली, कानपुर, लखनऊ और आगरा जैसे शहरों में प्रदूषण के स्तर में सुधार होगा। धुंध और स्मॉग की चादर छटेगी, जिससे लोगों को सांस लेने में आसानी होगी।

किसानों के लिए आवश्यक सुझाव
फसल विशेषज्ञों का सुझाव है कि, पाले से बचाव के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करें। खेत के चारों ओर मेड़ पर धुआं करके तापमान को संतुलित रखें और कड़ाके की ठंड में पशुओं को खुले में न बांधें और उनके चारे की खास व्यवस्था रखें।

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