उन्नाव-कानपुर-लखनऊ रूट पर यात्रियों को जल्द रैपिड ट्रेन में सफर का आनंद मिलेगा। कानपुर और लखनऊ के बीच 160 किमी की रफ्तार से यह ट्रेन पटरी पर दौड़ती नजर आएगी। इससे कानपुर से लखनऊ का सफर 30 मिनट में, उन्नाव से कानपुर 10 मिनट में तय होगा।
आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) द्वारा डीएम गौरांग राठी को उन्नाव से रैपिड रेल निकाले जाने की सूचना देकर उन्नाव सीमा से इस ट्रेन के निकालने संबंधित मेल भेजी। डीएम की ओर से इस पर अपनी सहमति दी गई है। हालांकि डीएम ने अभी तक इसका कोई प्रस्ताव न आने की बात कही। उनका कहना है कि प्रस्ताव आने पर जमीन का चिह्नांकन व अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी।
आरआरटीएस द्वारा डीएम को रैपिड ट्रेन निकालने के संबंधित एक संभावित नक्शा भी भेजा गया है। जिसमें रैपिड ट्रेन को अमौसी स्टेशन से बंथरा, नवाबगंज, बशीरतगंज, उन्नाव रेलवे स्टेशन होते हुए कानपुर नवाबगंज मेट्रो स्टेशन से जोड़ने की योजना है। नक्शे के हिसाब से रैपिड ट्रेन का स्टापेज उन्नाव सीमा में उन्नाव स्टेशन, बशीरतगंज व नवाबगंज में होगा। इसके लिए नया ट्रैक भी बनाया जाएगा।
संभावना है कि नया रूट बना तो तीन तहसीलों में हसनगंज, पुरवा और सदर के गांवों की भूमि आएगी। जिसमें सोहरामऊ, नवाबगंज, महनौरा, अजगैन, सोनिक, आशाखेड़ा, वशीरतगंज, मुर्तजागनर, दही चांदपुर गजौली, शहर, अकरमपुर, मगरवारा, सरैया, पीपरखेड़ा समेत 22 से अधिक गांव शामिल हो सकते हैं। नमो भारत रेल कारिडोर योजना के तहत इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने की तैयारी है। डीएम गौरांग राठी ने बताया कि आरआरटीएस द्वारा 23 जुलाई को उन्नाव से रेपिड रेल निकाले जाने की सूचना दी गई थी। उन्होंने उस सूचना पर अपनी सहमति दे दी थी। अभी तक इसका कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है।
रैपिड रेल परियोजना का प्रस्ताव वर्ष 2015 में नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटी) ने रेल मंत्रालय को भेजा था। वर्ष 2021 में तत्कालीन अपर मुख्य सचिव गृह दीपक कुमार ने ड्राफ्ट तैयार कराया था। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने ट्रांस गंगा सिटी के लिए इस परियोजना को मंजूरी दे दी थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने भी एनओसी दे दी है। नमो कारिडोर नाम से परियोजना को मेरठ-दिल्ली माडल के आधार पर विकसित किया जाएगा।








