नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के चार दिन बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने मंगलवार शाम को इंजीनियर की कार को पानी से बाहर निकाला। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कई दिनों तक पानी के अंदर पड़ी रही कार की हालत बहुत खराब थी। कार के शीशे टूटे हुए थे और सनरूफ भी टूट गया था।
ऐसा माना जा रहा है कि पानी के अत्यधिक दवाब के कारण कार के शीशे टूटे होंगे। कार बरामद होने के बाद अब यह स्पष्ट हो सकेगा कि कहीं कार में कोई खराबी के कारण तो यह हादसा नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा कार की फॉरेंसिक जांच कराई जाने की तैयारी की जा रही है।
इस हादसे के बाद राज्य सरकार ने नोएडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लोकेश एम को हटा दिया है। इस घटना की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए मुख्यमंत्री के आदेश पर तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। नोएडा के सेक्टर-150 में 16 जनवरी को हुई घटना में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी।
उसकी कार निर्माणाधीन स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में गिर गयी थी और उस निर्माणाधीन स्थल पर कोई अवरोधक भी नहीं था। यह गड्ढा एक मॉल के भूमिगत तल के निर्माण के लिए खोदा गया था। इस घटना में लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं।








