अक्षत टाइम्स संवाददाता, उन्नाव, 21 फरवरी। उमाशंकर दीक्षित संयुक्त चिकित्सालय (जिला अस्पताल) में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब महानिदेशक (डीजी) स्वास्थ्य डॉ. पवन कुमार अचानक निरीक्षण के लिए पहुँच गए। बिना किसी पूर्व सूचना के हुए इस औचक निरीक्षण ने अस्पताल प्रशासन की धड़कनें बढ़ा दीं।
डॉ. पवन कुमार ने ओपीडी, इमरजेंसी, वार्डों और अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था का सूक्ष्मता से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने केवल कागजी रिपोर्ट पर भरोसा करने के बजाय सीधे मरीजों के पास जाकर उनसे संवाद किया और मिल रही सुविधाओं व इलाज की गुणवत्ता के बारे में हकीकत जानी।निरीक्षण के दौरान ओपीडी में डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर तैनात मिले और अधिकांश मरीजों ने मिल रहे उपचार पर संतोष व्यक्त किया, जो अस्पताल के लिए एक राहत भरी बात रही।
हालांकि, अस्पताल परिसर के कुछ हिस्सों में फैली गंदगी को देखकर डीजी स्वास्थ्य का पारा चढ़ गया। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि अस्पतालों में साफ-सफाई से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदारों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए।डॉ. पवन कुमार ने भ्रष्टाचार और अवैध वसूली को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया।
उन्होंने चेतावनी दी कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों से इलाज के नाम पर किसी भी प्रकार की धन उगाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसी शिकायतों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कठोर कार्रवाई होगी। इसके साथ ही उन्होंने डॉक्टरों को हिदायत दी कि ओपीडी के समय वे अनिवार्य रूप से अपने केबिन में मौजूद रहें ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को भटकना न पड़े। डीजी के इस कड़े तेवर के बाद अब अस्पताल प्रशासन कमियों को दूर करने और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने की कवायद में जुट गया है।








