लखनऊ : प्रदेश में शुक्रवार से स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था लागू होने जा रही है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने सभी उपभोक्ताओं से अपने बिजली खाते का बैलेंस सकारात्मक रखने की अपील की है। विभाग के अनुसार जिन उपभोक्ताओं का बैलेंस माइनस में होगा, उनकी बिजली आपूर्ति स्वत: बंद हो सकती है।
इधर, उपभोक्ताओं के हितों को लेकर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में याचिका दाखिल कर नियमों में संशोधन की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि यदि उपभोक्ता दोबारा रिचार्ज कर अपना बैलेंस पॉजिटिव कर देता है, तो बिजली आपूर्ति बहाल करने की समय सीमा दो घंटे से घटाकर 10 मिनट की जानी चाहिए।
परिषद का कहना है कि कई अन्य राज्यों में नियामक आयोग ने यह समय सीमा 15 मिनट निर्धारित कर रखी है, जबकि कुछ राज्यों में यह सीमा 10 मिनट है। ऐसे में प्रदेश में भी उपभोक्ताओं को त्वरित राहत देने के लिए इसी तरह का प्रावधान लागू किया जाना चाहिए। परिषद के मुताबिक, प्रदेश में अब तक करीब 77 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 70 लाख मीटर प्रीपेड मोड में काम करना शुरू कर चुके हैं।
एक अनुमान के अनुसार करीब 50 लाख उपभोक्ताओं के बिजली खातों का बैलेंस इस समय माइनस में है, जिससे स्मार्ट मीटरिंग लागू होने के बाद उनकी बिजली कटने की आशंका बनी हुई है। उपभोक्ता परिषद ने यह भी आरोप लगाया है कि बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं को पोस्टपेड और प्रीपेड विकल्प चुनने का अधिकार नहीं दे रही हैं। परिषद ने इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए संबंधित बिजली कंपनियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है।








