ईरान ने भूमध्यमहासागर में अमेरिका के युद्धपोत (5वें बेडे़) यूएसएस अब्राहम लिंकन को एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइल के हमले में निशाना बनाया है। एक वीडियो में ईरानी मिसाइल अब्राहम लिंकन पर जोरदार हमले करते देखी जा रही है। ईरान ने इसके साथ ही अमेरिका को सख्त चेतावनी भी दी है। ईरान की नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल शहराम ईरानी ने अमेरिकी विमान वाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को लेकर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरानी नौसेना लगातार इस जहाज की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। एडमिरल शहराम ईरानी ने कहा, “हम यूएसएस अब्राहम लिंकन की हर हलचल को लगातार मॉनिटर कर रहे हैं। एक बार यह हमारे मिसाइल सिस्टम की रेंज में आया, तो हमारी नौसेना इसके खिलाफ भारी और कुचल देने वाले हमले करेगी।”
ईरानी नौसेना प्रमुख ने कहा है कि अमेरिकी युद्धपोत पर हमारी नजर टिकी है। एक बार इसके हमारे रेंज में आने भर की देरी है, उसके बाद तुरंत इस युद्धपोत को ध्वस्त कर दिया जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य दबाव बढ़ा रहा है और क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक तथा युद्धपोत तैनात कर रहा है। साथ ही ट्रंप द्वारा 15 सूत्री युद्धविराम का प्रपोजल भी भेजा गया है। ईरानी नौसेना कमांडर ने चेतावनी दी कि कोई भी शत्रुतापूर्ण गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “हम अपनी भूमि, समुद्री क्षेत्र और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
ईरान ने कहा- दुश्मन को हमारी इच्छाशक्ति और सैन्य क्षमता को कम नहीं आंकना चाहिए। एडमिरल ईरानी ने आगे कहा कि ईरान की नौसेना अत्याधुनिक मिसाइलों और तटीय हमले वाले हथियारों से लैस है, जो किसी भी बड़े युद्धपोत को निशाना बना सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप यदि ईरानी जल क्षेत्र या मिसाइल रेंज के करीब आया तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। यह चेतावनी हाल के दिनों में ईरान- अमेरिका तनाव के बीच आई है। ईरान पहले भी दावा कर चुका है कि उसने अमेरिकी ठिकानों और युद्धपोतों पर हमले किए हैं, हालांकि अमेरिका ने इन दावों को खारिज किया है।
एडमिरल ईरानी ने कहा, “जैसे हमने पहले दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया, वैसे ही अब भी हम तैयार हैं। हमारी नौसेना किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है।” उन्होंने ईरानी सेना की एकता और मजबूती का जिक्र करते हुए कहा कि पूरा ईरान एकजुट होकर अपनी रक्षा करेगा। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान ईरान के सख्त रुख को दर्शाता है। ट्रंप प्रशासन द्वारा क्षेत्र में सैन्य ताकत बढ़ाने के बीच ईरान स्पष्ट संदेश दे रहा है कि वह किसी भी आक्रामक कदम का जवाब देने के लिए तैयार है।








