कानपुर। शहर में शनिवार को अचानक मौसम बदलने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवाओं के साथ हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने कई जगहों पर हादसों को जन्म दिया। तेज हवाओं (37 किलोमीटर प्रति घंटे) की वजह से शहर में एक सौ से अधिक बड़े पेड़ उखड़ गए, जबकि कई जगहों पर सड़कें धंस गईं। आंधी-बारिश से होर्डिंग्स, बिजली के खंभे और कई अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।
जलभराव की वजह से यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद घने बादलों ने धूप को छिपा लिया और दिन में ही शाम-सा माहौल हो गया। उड़ती धूल और कचरे ने दोपहिया वाहन चालकों को खासा परेशान किया।
बारिश और ओलों से बचने के लिए राहगीर दुकानों में शरण लेते दिखे, वहीं कई दोपहिया वाहन सवार मेट्रो लाइन के नीचे खुद को बचाते नजर आए। चार पहिया वाहन सवार भी अपने वाहनों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए सुरक्षित जगहों की ओर ले गए। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शाम 6 बजे तक शहर में लगभग 21 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों ने रविवार को भी बारिश का असर बने रहने की संभावना जताई है।
अचानक हुए मौसम परिवर्तन से शहर के बाजारों में करीब 50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। शाम को बढ़ने वाली खरीदारी की उम्मीद टूट जाने से रिटेल कारोबारी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। थोक बाजारों में भी देर शाम के सौदे रद्द हो गए। कई लोडर चालकों के पास सामान बचाने की कोई व्यवस्था न होने से थोक व्यापारियों का माल भी बारिश और ओलों की चपेट में आ गया।








