उज्जैन : सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के बीकॉम, बीबीए और बीसीए तृतीय वर्ष के परीक्षार्थियों के फाउंडेशन कोर्स की परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रश्नपत्र (कोड- के-1041 एबी) में भाषा एवं संस्कृति खंड के अंतर्गत एक प्रश्न में एक ईश्वर की अवधारणा से संबंधित प्रश्न पर विवाद खड़ा हो गया। पेपर में प्रश्न-‘अल्लाह के सिवा दूसरा कोई नहीं है… वाक्य पर विकल्प भी दिए गए। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने संवेदनशील मानते हुए इसे जांच के लिए परीक्षा समिति को सौंप दिया है।
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की तरफ से सोमवार को बीकॉम, बीबीए और बीसीए तृतीय वर्ष की फाउंडेशन कोर्स की परीक्षा आयोजित की गई। यहां परीक्षा के पेपर में एक प्रश्न पूछा गया- “अल्लाह के सिवा दूसरा कोई नहीं है”, जिसके विकल्पों में सोमेश्वर, ख़ुदा, शक्तिवान और दण्ड देने वाला शामिल थे। इस सवाल को लेकर रतलाम में कुछ संगठनों ने आपत्ति जताई और इसे संवेदनशील बताते हुए विरोध दर्ज कराया। विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन हरकत में आया है।
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलसचिव अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि “ऐसे मामलों के लिए हमारे ऑर्डिनेंस में स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित है। यदि कोई प्रश्न विवादित या अनुचित पाया जाता है तो उसे परीक्षा समिति को रेफर किया जाता है। इस मामले को भी समिति को भेज दिया गया है, जहां सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स यह देखेंगे कि प्रश्न सिलेबस और मानकों के अनुरूप है या नहीं। कमेटी की सिफारिश के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी प्रकार की गलती पाई जाती है तो संबंधित एग्जामिनर को नोटिस दिया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
कुलसचिव के अनुसार, यह एक अकादमिक मामला है और हर पहलू की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि सवाल उचित था या नहीं और जिम्मेदारी किसकी बनती है। फिलहाल, विवादित सवाल को लेकर जांच प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बता दें कि इससे पहले कुछ महीने पहले यूपी में भी एक परीक्षा में विवादित सवाल पूछे गए थे।








