Home उत्तर प्रदेश जलभराव वाले क्षेत्रों में पहुंचे जिलाधिकारी, जर्जर मकान होंगे सील

जलभराव वाले क्षेत्रों में पहुंचे जिलाधिकारी, जर्जर मकान होंगे सील

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मुरादाबाद। जिले में हो रही भारी बारिश से बढ़ रहे संकट और ग्रामीण इलाकों में तेंदुए के आतंक को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ राजेंद्र पैंसिया ने रविवार को शहर स्थित रंगोली कॉलोनी, ऑफिसर्स कॉलोनी और साईं मंदिर रोड आदि जगह पहुंचकर जलभराव की स्थिति देखी। उन्होंने नालों की सिल्ट सफाई, अवैध डक्ट व खिड़कियां बंद कराने और खाली प्लॉटों को कूड़ाघर बनाने वाले मालिकों पर कड़ा जुर्माना लगाने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा, कोसी और रामगंगा के बैक-फ्लो से प्रभावित देहात क्षेत्र में बाढ़ शरणालय व मेडिकल कैंप संचालित हो रहे हैं। मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम योजना के तहत संवेदनशील गांवों में 46 पिंजरे लगाने के साथ हाई-फ्रीक्वेंसी साउंड वेव और फ्लड लाइट की मदद से 24×7निगरानी की जा रही है। उन्होंने रंगोली कॉलोनी सहित शहर के अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों के निरीक्षण के बाद तीन-स्तरीय सख्त निर्देश दिया। कहा कि पहले नालों की तत्काल तलीझाड़ सफाई कराई जाए। एमडीए के माध्यम से उन भवनों पर कार्रवाई तय की गई है जिन्होंने रंगोली कॉलोनी और ऑफिसर्स कॉलोनी की ओर अवैध रूप से खिड़कियां, दरवाजे और एसी खोल रखे हैं, जहां से सीधे नाले में कचरा फेंका जाता है। तीन-चार ऐसे खाली प्लॉट चिह्नित किए गए हैं जिनका इस्तेमाल डंपयार्ड के रूप में किया जा रहा है। डीएम ने कहा कि प्लॉट पर सात-आठ फीट ऊंची दीवार और गेट लगाना भूखंड स्वामी का दायित्व है। ऐसा न करने पर नगर निगम खुद सफाई कराएगा और मस्टर रोल व सफाई में आने वाला पूरा खर्च अर्थदंड के रूप में प्लॉट मालिकों से ही वसूलेगा।

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रामगंगा गंगा नदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ने से कोसी और रामगंगा का पानी आगे नहीं निकल पा रहा है, जिससे बैक-फ्लो हो रहा है। इसका असर अधिकतम 15 दिनों तक बना रह सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव होते ही बीडीओ, ग्राम प्रधान और सचिव के जरिए पंप लगाकर तत्काल पानी निकाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में भी पूर्व में बने जलभराव को नगर निगम ने त्वरित कार्रवाई कर पंप से निकलवाया था। तीन चार दिनों के भीतर नाला पर अतिक्रमण हटवाकर स्थायी समाधान किया जा रहा है। कहा कि जर्जर भवनों को लेकर नौ सितंबर को बैठक होगी। 100 फीसदी सील करने की तैयारी है।

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