कानपुर में पांडु नदी के रौद्र रूप की वजह से न सिर्फ 10 क्षेत्रों में रहने वाले सैकड़ों परिवार बेघर हो गए है, बल्कि अब तेज बहाव के कारण वर्षों पूराना गुजैनी पुल भी क्षतिग्रस्त होने लगा है, जिसकी जानकारी पर जिला व पुलिस प्रशासन ने इस पुल को बंद करा दिया है और दोनों ओर बैरिकेडिंग भी कर दी है, ताकि कोई भी वाहन पुल से होकर न गुजर सकें। इसके साथ ही पैदल भी पुल से न होकर जाने की अपील की गई है।
पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से मेहरबान सिंह का पुरवा, गोपाल पुरवा, मायापुरम, बर्रा-आठ, गुजैनी, बनपुरवा, बिहारीपुरवा, वरुण विहार, कपिली और बौद्ध विहार में रहने वाले हजारों लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया। हालात ये हैं कि वरुण विहार की कच्ची बस्ती में 50 से अधिक मकान पानी में डूब चुके हैं और कई क्षेत्रों में पानी घरों के अंदर कमर से ऊपर तक है, जिससे बचाव के लिए कई परिवारों ने जरूरी गृहस्थी की सामग्री के साथ छतों पर रहने को मजबूर है।
एक ही छत पर कई लोग निवास करते नजर आ रहे हैं और खाने-पीने की सामग्री के साथ लोगों को जरूरी चीजें जुटाना भी मुश्किल हो रहा है। हालांकि, जिला प्रशासन के मुताबिक एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीम मौके पर लगातार निरीक्षण कर रही है और टीम द्वारा बचाव कार्य करने के साथ ही राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। पांडु नदी का पानी गुजैनी पुल को छूने लगा है और नीचे से पुल क्षतिग्रस्त होने पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है साथ ही संकेत और बेरिकेडिंग की गई है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों की पढ़ाई पर भी जलभराव के कारण असर पड़ रहा है। क्षेत्र में स्थित कई स्कूलों में पानी भर गया है, जिसकी वजह से पानी से घिरे स्कूलों तक बच्चों और शिक्षकों का पहुंचना मुश्किल हो गया है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई तो पहले ही प्रभावित हो रही थी, अब स्कूलों में जलभराव से परेशानी और अधिक बढ़ गई है। जलभराव के कारण कई बच्चों की कॉपी, किताबें और बैग भीग चुके है और पेंसिल, रबर व पेन गा








