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बाराबंकी में चंद्रशेखर रावण के काफिले के सामने आए रोहिणी घावरी के समर्थक, जमकर चले जूते-चप्पल

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बाराबंकी : गोंडा जा रहे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर रावण के काफिले का सामना उनकी गर्लफ्रेंड रोहिणी घावरी के समर्थकों से हो गया। दोनों पक्षों में तनाव तो उपजा ही साथ ही जूते चप्पल भी चले। नाराज सांसद की सीओ से बहस हुई फिर वह दो घंटे तक सड़क पर ही बैठे रहे। जमकर नारेबाजी के बीच फिर हुई बातचीत के बाद उनका काफिला बाराबंकी वापस हुआ। गोंडा में बर्तन व्यापारी हत्याकांड को लेकर सियासी उबाल जारी है। रविवार को नगीना सांसद चंद्रशेखर रावण भी काफिले के साथ गोंडा जा रहे थे।

पुलिस ने बुढ़वल चौराहे के स्टेशन मोड़ पर बैरिकेडिंग लगाकर काफिला रोक दिया। सांसद को रोके जाने की सूचना पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान रोहिणी घावरी के समर्थन में सैकड़ों लोग बैनर-पोस्टर लेकर न्याय की मांग करते हुए वहां पहुंच गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस दौरान दोनों ओर से जूते-चप्पल भी फेंके गए। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया।

पुलिस प्रशासन ने सांसद के काफिले को स्टेशन मार्ग से बुढ़वल स्थित अतिथिगृह ले जाने का प्रयास किया, लेकिन चंद्रशेखर अपने समर्थकों के साथ स्टेशन मार्ग पर ही बैठ गए और नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे समर्थकों की भीड़ बढ़ती गई। करीब दो घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन में जिला प्रशासन, पुलिस और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। पुलिस अधिकारियों ने सांसद और पार्टी कार्यकर्ताओं से वार्ता कर प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया। काफी देर चली बातचीत के बाद धरना समाप्त हुआ। इसके बाद सांसद के काफिले को वापस भेज दिया गया।

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गोंडा जाने से रोके जाने के विरोध में धरने पर बैठे सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस प्रशासन पर अभद्रता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक पुलिसकर्मी ने डंडा लगाकर उन्हें धकेलने का प्रयास किया। संबंधित पुलिसकर्मी को बुलाकर माफी मंगवाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री आवास पर जाकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। प्रशासन ने सांसद के आरोपों को खारिज करते हुए इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने बर्तन व्यापारी विनोद साहनी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने, मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार हत्याकांड में शामिल लोगों को बचा रही है, इसी कारण अभी तक सभी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। रोहिणी समर्थकों की बात छेड़ने पर वह बोले कि यह सब भाजपा का किया धरा है।

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