[ad_1]
निजी अस्पतालों में मरीजों को न देखे जाने का असर सरकारी अस्पतालों की ओपीडी पर पड़ा। एसएन मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और लेडी लॉयल महिला चिकित्सालय में अपेक्षाकृत अधिक मरीज पहुंचे। देहात में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई। निजी अस्पताल में गंभीर मरीजों को इलाज न मिलने पर एसएन इमरजेंसी में मरीज पहुंचे। दोपहर एक बजे इरमजेंसी के सभी वार्ड फुल हो गए।
दोपहर 12:30 बजे शहीद नगर स्थित उपाध्याय हॉस्पिटल के प्रवेश द्वार पर ताला लगा था। सुरक्षा गार्ड मौजूद थे। एक महिला बैंक कर्मी स्टाफ के साथ हॉस्पिटल पहुंची। सांस लेने में परेशानी थी, नाक से खून भी निकल रहा था। तौलिये से पोंछ रही थी। डॉक्टर को दिखाना चाह रही थी, गार्ड ने बताया कि हड़ताल की वजह से मरीज नहीं देखे जा रहे हैं। महिला के साथ आए स्टॉफ ने इंटरकॉम से डॉक्टर से बात की, डॉक्टर ने जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। महिला जिला अस्पताल गई।
दिल्ली गेट स्थित मधुवन प्लाजा स्थित कोई डॉक्टर मरीज को नहीं देख रहा था, जांचें भी नहीं की जा रही थीं। मरीज नर्सिंग होम और पैथोलॉजी के बाहर ही फर्श पर चादर डालकर लेटे हुए थे। फतेहाबाद कस्बा में भी निजी चिकित्सक हड़ताल पर रहे।
हड़ताल की जानकारी नहीं थी, परेशान होना पड़ा
धौलपुर के मनिया से आए श्रीकिशन ने बताया कि बेटी को बाग फरजाना स्थित डॉ. यूसी गर्ग को दिखाने के लिए आया था। हड़ताल की वजह से देखने से मना दिया गया। हड़ताल की जानकारी पहले से नहीं थी, इससे परेशान होना पड़ा।
पट्टी काटने से भी मना कर दिया गया
ट्रांस यमुना कॉलोनी के राजेश कुमार गौतम ने कहा कि पाइल्स का ऑपरेशन हुआ है। पट्टी कटवाने के लिए डॉ. ज्ञान प्रकाश के यहां आया था। डॉक्टरों की हड़ताल होने की वजह से मना कर दिया गया।
शुक्रवार को सुबह दिखाऊंगी
मैनपुरी के बेवर से आईं उर्मिला गुप्ता ने कहा कि डॉ. विकास बंसल को दिखाने के लिए आई थी। हड़ताल की वजह से देखने से मना कर दिया गया। यहीं होटल में कमरा लेकर रहूंगी और शुक्रवार सुबह दिखाकर ही घर लौटूंगी।
जिला अस्पताल की ओपीडी में 1550 फीसदी पहुंचे
निजी अस्पतालों में इलाज न मिलने से सरकारी अस्पतालों में मरीजों ने परामर्श प्राप्त किया। जिला अस्पताल की ओपीडी में 1550 मरीज पहुंचे। गत बृहस्पतिवार को यहां 1200 मरीजों ने परामर्श प्राप्त किया था। मरीज बढ़ने की उम्मीद थी, अस्पताल प्रशासन ने उसी के अनुरूप तैयारी की थी, हालांकि मरीजों और तीमारदारों को आधे से पौन घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। वहीं एसएन की ओपीडी में 1560 मरीजों ने परामर्श प्राप्त किया।
[ad_2]
Source link







