कानपुर: सेंट्रल बैंक के लॉकर से फिर 20 लाख के गहने चोरी, महिला ने मैनेजर और लॉकर इंचार्ज पर लगाया ये आरोप

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 07 May 2022 09:41 PM IST

सार

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के लॉकर से 20 लाख के गहने गायब होने का एक और मामला सामने आया है। गहने गायब होने की एक और घटना सामने आने से हड़कंप मच गया।

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कानपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कराचीखाना शाखा के लॉकर से 20 लाख के गहने गायब होने का एक और मामला सामने आया है। लॉकर धारक हेमंत विहार बर्रा निवासी आरती तिवारी ने गहने चोरी होने का आरोप लगाया है। यह भी आरोप है कि बैंक मैनेजर रामप्रसाद और लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय ने उनके कई बार कहने के बाद भी लॉकर नहीं खोलने दिया था।

मामले में 21 मार्च को फीलखाना थाने में तहरीर भी दी थी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद 12 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर उन्हें मामले से अवगत कराया। बता दें इससे पहले भी 11 लॉकर धारकों ने गहने चोरी होने का आरोप लगाया था।

तब बैंक प्रबंधन ने सभी को करीब 75-75 प्रतिशत का मुआवजा दिया था। प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर आरती ने बताया कि बैंक में 2019 से पति राजेंद्र कुमार तिवारी के साथ संयुक्त लॉकर (540 नंबर) है। पांच मार्च को बैंक गईं तो बैंक मैनेजर ने लॉकर चेक नहीं करने दिया।
शंका होने पर कई बार बैंक गईं लेकिन उन्हें टरका दिया गया। 21 मार्च को पुलिस को सूचना देने के बाद बैंक गईं। तब लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय और दो अन्य सहकर्मियों की मौजूदगी में लॉकर खोला गया। आरोप है कि लॉकर में चाभी फंस गई थी। बाद में उसे लॉकर कंपनी के कर्मचारी ने खोला। देखा तो उसमें रखे पांच तोले के दो सोने के हार, पुश्तैनी चार चूड़ियां, दो जोड़ी सोने के झाले, चार सोने की चेन, मांग बेंदी, चार मंगलसूत्र, सोने की हाय, पांच अंगूठी, कमर पेटी आदि गायब थीं। सारा जेवर उन्हें शादी में मिला था। उन्होंने बताया कि पति प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड हैं। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक दयानंद पांडेय का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
मैं बीमार थी, पति के पैर में पड़ी है प्लेट
वार्ता के दौरान उनसे पूछा गया कि बैंक प्रबंधन ने इसके पहले 11 लॉकर पीड़ितों को दो करोड़ 68 लाख का मुआवजा दिया था। अब इतना समय बीतने के बाद आप आरोप लगा रही हैं। इस पर उन्होंने बताया कि उनकी तबीयत खराब थी। अस्पताल में भर्ती थीं। हीमोग्लोबिन पांच के स्तर पर आ गया था। पति के पैर में प्लेट पड़ी है। बैंक मैनेजर द्वारा लॉकर ऑपरेट न करने की शिकायत उच्च प्रबंधन से क्यों नहीं की? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। 

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कानपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कराचीखाना शाखा के लॉकर से 20 लाख के गहने गायब होने का एक और मामला सामने आया है। लॉकर धारक हेमंत विहार बर्रा निवासी आरती तिवारी ने गहने चोरी होने का आरोप लगाया है। यह भी आरोप है कि बैंक मैनेजर रामप्रसाद और लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय ने उनके कई बार कहने के बाद भी लॉकर नहीं खोलने दिया था।

मामले में 21 मार्च को फीलखाना थाने में तहरीर भी दी थी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद 12 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर उन्हें मामले से अवगत कराया। बता दें इससे पहले भी 11 लॉकर धारकों ने गहने चोरी होने का आरोप लगाया था।

तब बैंक प्रबंधन ने सभी को करीब 75-75 प्रतिशत का मुआवजा दिया था। प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर आरती ने बताया कि बैंक में 2019 से पति राजेंद्र कुमार तिवारी के साथ संयुक्त लॉकर (540 नंबर) है। पांच मार्च को बैंक गईं तो बैंक मैनेजर ने लॉकर चेक नहीं करने दिया।

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