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बदहाल बसों में जोखिम भरा सफर: कई रोडवेज बसों में सीटें फटी और शीशे टूटे, कुछ की हेडलाइट ही गायब

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एक ओर परिवहन मुख्यालय के अधिकारी बस अड्डों पर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर दौड़ रहीं बहदाल रोडवेज बसों में यात्री जोखिम भरा सफर कर रहे हैं। आगरा में अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि किसी बस में शीशा नहीं है तो किसी की सीटें फटी हुई हैं। 

आगरा परिक्षेत्र में 498 बसों का बेड़ा है, लेकिन साधारण बसों का मेंटेनेंस कार्यशालाओं में नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आगरा फोर्ट, फाउंड्री नगर, ताज डिपो और ईदगाह की अधिकांश बसों की हालत खराब है। 

बिजलीघर बस अड्डे पर फिरोजाबाद जाने वाली आगरा फोर्ट की बस की लोहे की चादर पर पीछे से वेल्डिंग लगी हुई थी। सीटें फटी हुई थीं। आईएसबीटी पर मैनपुरी जाने वाली साधारण बस की सीटें फटी मिलीं। साइड मिरर तक नहीं लगे थे। इसी तरह मथुरा डिपो की बस में दो जगह शीशे ही गायब थे। यह हाल हर चौथी बस का है।

खारे पानी की समस्या

रोडवेज के कार्यशाला से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि आगरा का पानी खारा है। वाशिंग प्लांटों में इससे बसों को धोया जाता है। इससे बसों की बॉडी जल्दी गल जाती हैं, लेकिन बसों में टूटे शीशे, फटीं सीटें हैं, वेदर बल्ब तक नहीं लगे हैं। यह सब कार्य कार्यशालाओं में होते हैं। 

चालक लिखते हैं खामियां

रोडवेज बस चालकों ने बताया कि वह यात्रा से लौटकर कार्यशाला में बस को जमा कराते वक्त रजिस्टर पर बस की खामियों के बारे में लिखते हैं, लेकिन फिर भी इनकी मरम्मत नहीं की जाती है।

ये हुए हादसे 

– पिछले दिनों इटावा से आगरा लौट रही फोर्ट डिपो की बस का पायदान टूटकर गिर गया था, जिससे दो यात्रियों को गंभीर चोटें आई थीं।  इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। 
– मथुरा में आगरा परिक्षेत्र की बस में आग लग गई थी। वायरिंग में शार्ट सर्किट से आग लगी थी। 
– ईदगाह से जगनेर जा रही साधारण बस के ब्रेक फेल हो गए थे। सराय ख्वाजा पुल पर हादसा होते-होते बचा था। इस मामले में कार्यशाला से ही बस को बिना चेक किए भेजा गया था। 

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कमियों को दुरुस्त कराया जाएगा

आगरा परिक्षेत्र के सेवा प्रबंधक अनुराग यादव ने कहा कि बसों को कार्यशालाओं में चेक करने के बाद ही रूटों पर भेजा जाता है। ज्यादातर बसों की कंडीशन ठीक है। कुछेक पुरानी बसें हैं। जिन बसों में कमियां हैं, उन्हें दुरुस्त कराया जाएगा। 

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एक ओर परिवहन मुख्यालय के अधिकारी बस अड्डों पर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर दौड़ रहीं बहदाल रोडवेज बसों में यात्री जोखिम भरा सफर कर रहे हैं। आगरा में अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि किसी बस में शीशा नहीं है तो किसी की सीटें फटी हुई हैं। 

आगरा परिक्षेत्र में 498 बसों का बेड़ा है, लेकिन साधारण बसों का मेंटेनेंस कार्यशालाओं में नहीं हो पा रहा है। ऐसे में आगरा फोर्ट, फाउंड्री नगर, ताज डिपो और ईदगाह की अधिकांश बसों की हालत खराब है। 

बिजलीघर बस अड्डे पर फिरोजाबाद जाने वाली आगरा फोर्ट की बस की लोहे की चादर पर पीछे से वेल्डिंग लगी हुई थी। सीटें फटी हुई थीं। आईएसबीटी पर मैनपुरी जाने वाली साधारण बस की सीटें फटी मिलीं। साइड मिरर तक नहीं लगे थे। इसी तरह मथुरा डिपो की बस में दो जगह शीशे ही गायब थे। यह हाल हर चौथी बस का है।

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