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दुष्कर्म पीड़िता ने पोंछे आंसू, न्याय की लड़ाई में साथ देने का वादा

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उन्नाव। पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि पुलिस की लापरवाही से माखी गांव एक बार फिर से चर्चा में आ गया। कुलदीप सेंगर के गांव की बेटी की निर्मम हत्या से दुष्कर्म पीड़िता का दर्द फिर से उभर पड़ा। वह अपनी मां के साथ पहले पोस्टमार्टम हाउस फिर श्मशान घाट पहुंची। मृतका की मां को सीने से लगाया और उसके आंसू पोंछते हुए आरोपी को सजा दिलवाने में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का भरोसा दिया। उसने पुलिस व प्रशासनिक व अधिकारियों को भी कटघरे में खड़ा कर खुद के साथ हुई घटना में की गई लापरवाही की उन्हें याद दिलाई।
हत्या के बाद कब्बाखेड़ा स्थित दिव्यानंद आश्रम के पीछे गड्ढे में दफनाई गई पूजा के पिता मुकेश मूलरूप से माखी गांव के मोहल्ला हमीरदेव के रहने वाले हैं। वह मजदूरी कर परिवार का पेट पालते हैं। करीब नौ साल पहले वह परिवार के साथ कांशीराम कॉलोनी में आकर रहने लगे थे। पूजा मुकेश की सबसे बड़ी बेटी थी। उसके बाद बेटा रोहित व बेटी ज्योति है। पूजा की हत्या से परिवार सहमा हुआ है।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस व श्मशान घाट पहुंची पूर्व विधायक प्रकरण की दुष्कर्म पीड़िता ने पूजा के परिजनों के आंसू पोंछे। कहा कि उसके साथ भाजपा सरकार में विधायक रहे कुलदीप सेंगर ने दुष्कर्म किया था। अब सपा सरकार मेें राज्यमंत्री रहे दिवंगत फतेहबहादुर सिंह के बेटे रजोल सिंह ने पूजा की निर्मम हत्या कर परिवार को घुट-घुटकर जीने पर मजबूर कर दिया। उस समय भी पुलिस ने रसूख के आगे घुटने टेक दिए थे। इस मामले में भी पुलिस आरोपियों के इशारे पर नाचती रही। पूजा की मां रीता पुलिस से बार-बार कहती रही कि रजोल को पकड़ो, बेटी मिल जाएगी। इसके बावजूद पुलिस ने रजोल पर सख्ती नहीं की। बल्कि रीता को गुमराह करती रही। मां की शिकायत के बाद पुलिस रजोल को फौरन गिरफ्तार कर लेती तो पूजा की जान बच जाती।

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उन्नाव। पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि पुलिस की लापरवाही से माखी गांव एक बार फिर से चर्चा में आ गया। कुलदीप सेंगर के गांव की बेटी की निर्मम हत्या से दुष्कर्म पीड़िता का दर्द फिर से उभर पड़ा। वह अपनी मां के साथ पहले पोस्टमार्टम हाउस फिर श्मशान घाट पहुंची। मृतका की मां को सीने से लगाया और उसके आंसू पोंछते हुए आरोपी को सजा दिलवाने में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का भरोसा दिया। उसने पुलिस व प्रशासनिक व अधिकारियों को भी कटघरे में खड़ा कर खुद के साथ हुई घटना में की गई लापरवाही की उन्हें याद दिलाई।

हत्या के बाद कब्बाखेड़ा स्थित दिव्यानंद आश्रम के पीछे गड्ढे में दफनाई गई पूजा के पिता मुकेश मूलरूप से माखी गांव के मोहल्ला हमीरदेव के रहने वाले हैं। वह मजदूरी कर परिवार का पेट पालते हैं। करीब नौ साल पहले वह परिवार के साथ कांशीराम कॉलोनी में आकर रहने लगे थे। पूजा मुकेश की सबसे बड़ी बेटी थी। उसके बाद बेटा रोहित व बेटी ज्योति है। पूजा की हत्या से परिवार सहमा हुआ है।

शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस व श्मशान घाट पहुंची पूर्व विधायक प्रकरण की दुष्कर्म पीड़िता ने पूजा के परिजनों के आंसू पोंछे। कहा कि उसके साथ भाजपा सरकार में विधायक रहे कुलदीप सेंगर ने दुष्कर्म किया था। अब सपा सरकार मेें राज्यमंत्री रहे दिवंगत फतेहबहादुर सिंह के बेटे रजोल सिंह ने पूजा की निर्मम हत्या कर परिवार को घुट-घुटकर जीने पर मजबूर कर दिया। उस समय भी पुलिस ने रसूख के आगे घुटने टेक दिए थे। इस मामले में भी पुलिस आरोपियों के इशारे पर नाचती रही। पूजा की मां रीता पुलिस से बार-बार कहती रही कि रजोल को पकड़ो, बेटी मिल जाएगी। इसके बावजूद पुलिस ने रजोल पर सख्ती नहीं की। बल्कि रीता को गुमराह करती रही। मां की शिकायत के बाद पुलिस रजोल को फौरन गिरफ्तार कर लेती तो पूजा की जान बच जाती।

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