हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में सरकारी कॉलेज की एक छात्रा की मौत से हड़कंप मचा है। छात्रा की मौत का आरोप तीन छात्राओं और एक प्रोफेसर पर लगा है, जिसमें रैगिंग और यौन उत्पीड़न के आरोप हैं और इस मामले में केस भी दर्ज किया गया है। केस में ये भी कहा है कि उसके साथ न सिर्फ रैगिंग की गई बल्कि मारपीट भी की गई। इससे छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पताल में छात्रा ने अपनी मौत से पहले मोबाइल वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपने साथ हुई पूरी घटना बताई थी।
मृतक छात्रा ने बताया कि उसके साथ मानसिक और यौन उत्पीड़न किया गया और इसके खिलाफ जुबान ना खोलने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने बताया कि पीड़ित छात्रा की 26 दिसंबर 2025 को लुधियाना के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जिसके बाद गुरुवार को यह मामला दर्ज किया गया था। मृतक छात्रा के पिता ने शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ और कार्रवाई की गई। वहीं, कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि छात्रा पहले साल में फेल हो गई थी, फिर भी उसने द्वितीय वर्ष में प्रवेश लिया था।
मृतक छात्रा के पिता ने जो शिकायत दर्ज कराई है उसमें आरोप लगाया गया है कि 18 सितंबर, 2025 को कॉलेज की तीन सीनियर छात्राओिं ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की थी और फिर उसे चुप रहने की धमकी दी। पिता का आरोप है कि कॉलेज के प्रोफेसर ने उनकी बेटी के साथ अश्लील हरकतें कीं और यौन उत्पीड़न किया। इस प्रताड़ना की वजह से उनकी बेटी की हालत बिगड़ गई, वह गहरे सदमे में थी। फिर उसे अस्पताल में एडमिट करना पड़ा और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता ने बताया कि 20 दिसंबर को पुलिस और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
26 दिसंबर को लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत से पहले लड़की को कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। पुलिस अधिकारी अशोक रतन ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ बीएनएस) की धारा 75, 115(2) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में उन सभी अस्पतालों की भी पड़ताल की जाएगी जहां छात्रा को उसकी मौत से पहले भर्ती कराया गया था।








