कानपुर। रेलवे अधिकारी भी जानते हैं कि सवारी गाड़ियों से विभाग को नहीं चलाया जा सकता बल्कि माल धुलाई में ही सबसे ज्यादा आमदनी है इसके बाद भी कोपरगंज स्थित सीपीसी रेलवे गोदाम अपनी किस्मत पर रो रहा है। बता दें कि यहां देशभर से मालगाड़ी के रैक माल लेकर आते हैं, इसके बाद विभिन्न प्रकार के माल लादकर देशभर में जाते हैं, लेकिन सीपीसी रेलवे गोदाम में व्यापारियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। जहां से माल उतारा और लादा जाता है, उसकी हालत तालाब से बदतर है।
सीपीसी रेलवे मालगोदाम में हर समय हजारों बोरी माल जिसमें नमक, सोडा, खाद, अनाज आदि कुछ न कुछ मौजूद रहता है लेकिन गोदाम की व्यवस्था बहुत खराब है। लोकल ट्रक यूनियन के बगल में ही गोदाम के अंदर जाने वाला मुख्य मार्ग से ही बदहाली दिखाई देती है। स्थिति ये है कि जरा सी बारिश होने पर सैकड़ों बोरी माल भीग जाता है, टिनशेड जिसके अंदर हमेशा माल भरा रहता है, उसकी हालत ये है कि टिनशेड कई जगह से टूटा हुआ है, अंदर सीमेंट की बोरियां ज्यादा रखी रहती हैं जिनपर पानी पड़ने के बाद बर्बाद हो जाती हैं।
सीपीसी रेलवे गोदाम में आवारा जानवरों को रोकने का कोई इंतजाम नहीं है, जिससे सैकड़ों आवारा जानवर गोदाम में हर साल करोड़ों रुपये का अनाज सफाचट कर जाते हैं। गोदाम में चार गेट हैं लेकिन किसी गेट पर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है जिससे आवारा जानवर 24 घंटे गोदाम के अंदर बैठे रहते हैं। इसी प्रकार लाखों की संख्या में मोटे-मोटे बिल्ली की तरह चूहे गोदाम के लिए मुसीबत बने हैं।
लोकल ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल वहीद का कहना है कि सीपीसी रेलवे गोदाम में पानी निकासी का कोई रास्ता नहीं है जिससे गोदाम हमेशा तालाब बना रहता है। जलभराव में कहां नाली है, ट्रक चालक को दिखाई नहीं देता जिससे अक्सर ट्रक नाली में चला जाता है और ट्रक क्षतिग्रस्त हो जाता है, ट्रकों की कमानी टूटना तो आम बात है। अधिकारी अक्सर निरीक्षण करते हैं, दिक्कतों को दुरुस्त करने का प्रयास करते हैं लेकिन गोदाम में अभी भी खामियां हैं जिन्हें दूर करने की जरूरत है।








