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Dengue In Prayagraj : मच्छरों से बचने के लिए हर माह शहरी खर्च कर रहे नौ करोड़ रुपये

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– फोटो : अमर उजाला

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प्रयागराज में डेंगू की रफ्तार कम न होने की वजह से डर का बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है।  मच्छरों एवं डेंगू के डंक से बचने के लिए शहर में मच्छररोधी उत्पाद एवं उपकरणों की जबर्दस्त मांग बढ़ गई है।  मच्छरों को मारने का कारोबार तीन से चार गुना हो जाने से इस पेशे से जुड़े लोग भी हैरत में है। इन प्रोडक्ट को बेचने वाले डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर्स का अनुमान है कि संगम नगरी में मच्छर से बचाव के लिए लोग प्रतिदिन 30 लाख रुपये और महीने में तकरीबन नौ करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में प्रयागराज ही एकमात्र ऐसा जिला है, जहां इस सीजन में अब तक 1200 से ज्यादा डेंगू पीड़ित मरीज सामने आ चुके हैं। यहां डेंगू की वजह से कई लोग अपनी जान भी गंवा बैठे हैं। नगर निगम की ओर से फॉगिंग एवं एंटी लार्वा का छिड़काव तो किया जा रहा है, फिर भी लोग अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर सजग हैं।

बाजार में मच्छर मारने वाले रैकेट की काफी किल्ल्त हो गई है। बीते वर्ष अधिकतम 200 रुपये में मिलने वाली नॉन ब्रॉडेड एवं 300 से 400 रुपये में मिलने वाली रैकेट के दाम एकाएक काफी बढ़ गए हैं। बाजार में नॉन ब्रॉडेड रैकेट के 400 रुपये तक एवं वारंटी के साथ मिलने वाली ब्रॉडेट रैकेट 500 से 800 रुपये में मिल रही है।

खूब बिक रही मच्छरदानी, एकाएक बढ़ गए दाम
मच्छरों से राहत के लिए मच्छरदानी को ही लोग सबसे अच्छा विकल्प मानते हैं। डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इन दिनों मच्छरदानी खूब बिक रही है। थोक कारोबारी दिनेश गुप्ता के अनुसार इस बार प्रयागराज में ही नहीं प्रतापगढ़, चित्रकूट, कौशांबी से भी व्यापारी मच्छरदानी खरीदने के लिए आ रहे हैं। बीते दो सप्ताह में ही दस हजार से ज्यादा मच्छरदानी बिक चुकी है। चौक के मच्छरदानी विक्रेता अतुल कुमार कहते हैं, बीते दो वर्ष में जितनी मच्छरदानी नहीं बिकी, उससे ज्यादा की बिक्री बीते 20 दिन में हो चुकी है। उधर, शहर के तमाम इलाकों में  फुटपाथ पर बिक रही फोल्डिंग मच्छरदानी भी लोग खरीदना पसंद कर रहे हैं। ये मच्छरदानियां एक से दो हजार रुपये में बिक रही हैं।

तत्काल राहत के लिए कारगर साबित हो रही अगरबत्ती, स्प्रे
मच्छरदानी के साथ ही लोग अन्य विकल्पों को भी तरजीह दे रहे हैं। बाजार  में मच्छरों से निजात के लिए क्वायल, अगरबत्ती, लिक्विड , स्प्रे, क्रीम आदि उपलब्ध है। तत्काल राहत के लिए लोग सर्वाधिक अगरबत्ती और स्प्रे का इस्तेमाल कर रहे हैं। गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की फैक्टरियों में बनने वाली अगरबत्ती खूब बिक रही है।

अगरबत्ती 15 से 18 रुपये पैकेट में उपलब्ध है। थोक कारोबारी सुनील अग्रहरि ने बताया कि अगरबत्ती से लेकर मच्छर भगाने वाले अन्य  सभी उत्पादों की बिक्त्रस्ी बढ़ गई है। जनरल स्टोर संचालक दीपक केसरवानी ने बताया कि स्प्रे की बिक्त्रस्ी भी बढ़ी है। हालांकि इसका दाम बीते वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत तक बढ़ा है। लिक्विड वेप्रोराइजर भी बाजार में बिक रहे हैं।

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स्कूली बच्चों के लिए क्रीम, रिपेलंट माना जा रहा ज्यादा प्रभावी
सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए मच्छररोधी क्रीम और रिपेलंट, जिसे कपड़ों में तीन-चार बूंद लगाया जाता है, उसकी भी मांग ज्यादा है। रिपेलंट को लेकर संबंधित कंपनियों का दावा है कि कपड़े पर अलग-अलग चार पांच स्थानों पर इसकी एक बूंद लगाने से  मच्छर आसपास नहीं भटकते। इसका असर भी चार से पांच घंटे तक रहता है। इस बीच मेडिकेटेड मच्छरदानी की भी मांग बढ़ी है। कारोबारी अमित गुप्ता ने बताया कि तमाम कंपनियों के रिपेलंट इन दिनों खूब बिक रहे हैं। इसकी कीमत 60 से 80 रुपये तक की है।

मच्छरों का प्रकोप ज्यादा है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट)का अनुमान है कि मच्छरों से बचाव के लिए प्रयागराज में हर रोज तकरीबन 30 लाख का कारोबार हो रहा है। यहां बाजार में मांग के अनुरूप मच्छरदानी की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। – महेंद्र गोयल, प्रदेश अध्यक्ष, कैट।

इस सीजन में डेंगू की वजह से मच्छर मारने वाले प्रोडक्ट की बिक्री ज्यादा बढ़ी है। तकरीबन सभी डीलरों के यहां  पिछले सीजन के मुकाबले बिक्री में चार गुना तक का इजाफा देखने को मिला है। – हेम चावला, चावला ट्रेडिंग कंपनी।

मच्छरदानी मुख्य रूप से अहमदाबाद से ही मंगाई जाती है, लेकिन इस बार मांग काफी बढ़ी है। उस हिसाब से कंपनियां सप्लाई नहीं कर पा रही हैं। पिछले सीजन की तुलना खपत बहुत ज्यादा है। – मनोज केसरवानी, थोक विक्रेता (तुषार हैंडलूम)

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प्रयागराज में डेंगू की रफ्तार कम न होने की वजह से डर का बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है।  मच्छरों एवं डेंगू के डंक से बचने के लिए शहर में मच्छररोधी उत्पाद एवं उपकरणों की जबर्दस्त मांग बढ़ गई है।  मच्छरों को मारने का कारोबार तीन से चार गुना हो जाने से इस पेशे से जुड़े लोग भी हैरत में है। इन प्रोडक्ट को बेचने वाले डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर्स का अनुमान है कि संगम नगरी में मच्छर से बचाव के लिए लोग प्रतिदिन 30 लाख रुपये और महीने में तकरीबन नौ करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में प्रयागराज ही एकमात्र ऐसा जिला है, जहां इस सीजन में अब तक 1200 से ज्यादा डेंगू पीड़ित मरीज सामने आ चुके हैं। यहां डेंगू की वजह से कई लोग अपनी जान भी गंवा बैठे हैं। नगर निगम की ओर से फॉगिंग एवं एंटी लार्वा का छिड़काव तो किया जा रहा है, फिर भी लोग अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर सजग हैं।

बाजार में मच्छर मारने वाले रैकेट की काफी किल्ल्त हो गई है। बीते वर्ष अधिकतम 200 रुपये में मिलने वाली नॉन ब्रॉडेड एवं 300 से 400 रुपये में मिलने वाली रैकेट के दाम एकाएक काफी बढ़ गए हैं। बाजार में नॉन ब्रॉडेड रैकेट के 400 रुपये तक एवं वारंटी के साथ मिलने वाली ब्रॉडेट रैकेट 500 से 800 रुपये में मिल रही है।



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