मां अन्नपूर्णा मंदिर के बाहर लगी लंबी कतार – फोटो : अमर उजाला
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राजराजेश्वर शिव को अन्न की भिक्षा देने वाली मां अन्नपूर्णा की स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी है। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के पास स्थित प्राचीन मंदिर से श्रद्धालु उत्साहपूर्वक देवी अन्नपूर्णा के दरबार से खजाना पाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। अन्न-धन की देवी मां अन्नपूर्णेश्वरी के स्वर्णिम स्वरूप के दर्शन कर भक्तों ने सुख सौभाग्य की कामना की।
माता का दर्शन मिलते ही दो दिनों से कतार में लगे भक्तों के चेहरे पर से सारी थकान दूर हो गई। सुबह में एक लाइन गोदौलिया से आगे दशाश्वमेध तो दूसरी लाइन चौक थाने से आगे पहुंच गई। ढुंढिराज गणेश के रास्ते से श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा था। मां अन्नपूर्णा के दर्शन-पूजन का यह क्रम अन्नकूट यानी 26 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
उधर, श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित मां अन्नपूर्णा दरबार से पहली बार भक्तों को खजाना वितरित किया जा रहा है। वहां भी लाइन में लगे श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। रजत मंडित दीवारों के बीच विराजमान मां अन्नपूर्णा का दर्शन कर भक्त निहाल हो रहे हैं। 108 साल बाद कनाडा से काशी आई मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा के दर्शन भी भक्तों को मिल रहा है। रविवार को दोनों मंदिरों में भक्तों का हुजूम उमड़ा था।
मान्यता है कि काशी नगरी के पालन-पोषण के लिए देवाधिदेव ने मां अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी। मंदिर के गर्भगृह में मां अन्नपूर्णा की ममतामयी छवियुक्त ठोस स्वर्ण प्रतिमा कमलासन पर विराजमान और रजत शिल्प में ढले भगवान शिव की झोली में अन्नदान की मुद्रा में हैं। दायीं ओर मां लक्ष्मी और बायीं तरफ भूदेवी का स्वर्ण विग्रह है। इस दरबार के दर्शन वर्ष में सिर्फ चार दिन धनतेरस से अन्नकूट तक ही होते हैं।
मां अन्नपूर्णा के दरबार में पहली बार भक्तों को चांदी का सिक्का प्रसाद के रूप में मिला। जिन भक्तों के हाथ में चांदी का सिक्का आया उन्होंने उसे सिर माथे लगाया। माता के दर्शन के लिए देश भर के कई राज्यों के अलावा पूर्वांचल के कई जिलों से भक्तों ने माता के दरबार में हाजिरी लगाई।
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राजराजेश्वर शिव को अन्न की भिक्षा देने वाली मां अन्नपूर्णा की स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी है। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के पास स्थित प्राचीन मंदिर से श्रद्धालु उत्साहपूर्वक देवी अन्नपूर्णा के दरबार से खजाना पाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। अन्न-धन की देवी मां अन्नपूर्णेश्वरी के स्वर्णिम स्वरूप के दर्शन कर भक्तों ने सुख सौभाग्य की कामना की।
माता का दर्शन मिलते ही दो दिनों से कतार में लगे भक्तों के चेहरे पर से सारी थकान दूर हो गई। सुबह में एक लाइन गोदौलिया से आगे दशाश्वमेध तो दूसरी लाइन चौक थाने से आगे पहुंच गई। ढुंढिराज गणेश के रास्ते से श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा था। मां अन्नपूर्णा के दर्शन-पूजन का यह क्रम अन्नकूट यानी 26 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
उधर, श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित मां अन्नपूर्णा दरबार से पहली बार भक्तों को खजाना वितरित किया जा रहा है। वहां भी लाइन में लगे श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। रजत मंडित दीवारों के बीच विराजमान मां अन्नपूर्णा का दर्शन कर भक्त निहाल हो रहे हैं। 108 साल बाद कनाडा से काशी आई मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा के दर्शन भी भक्तों को मिल रहा है। रविवार को दोनों मंदिरों में भक्तों का हुजूम उमड़ा था।