UP के बाराबंकी से देश भर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। पुलिस की संयुक्त टीम ने डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में लिप्त 8 अन्तर्राज्यीय साइबर शातिरों को गिरफ्तार किया। इनमें छह गैर जिला व एक युवती समेत दो ठग बाराबंकी के रहने वाले हैं। इनके कब्जे से भारी मात्रा में मोबाइल, लैपटाप, टैबलेट व कूटरचित दस्तावेज आदि सामान बरामद हुआ है।
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने मंगलवार को प्रेस को बताया कि साइबर, स्वाट, सर्विलांस व थाना कोतवाली नगर की संयुक्त टीम द्वारा दीपक तिवारी पुत्र रामप्रवेश तिवारी निवासी अयोध्या, अंकित कटारिया पुत्र हुकुम सिंह निवासी जिला बागपत, हालपता आवास विकास कालोनी बाराबंकी, मीनाक्षी वर्मा पुत्री राज सिंह वर्मा निवासी कियरा भानमऊ थाना कोठी, विपिन वर्मा पुत्र श्याम लाल वर्मा निबासी उत्तराखंड, हाल पता आवास विकास कालोनी बाराबंकी, अब्दुल रिजवान पुत्र मोहम्मद रिजवान निवासी लखनऊ, हाल पता आवास विकास बाराबंकी, मो0 अफजल पुत्र फहीम अहमद निवासी लखनऊ, आदर्श राज पुत्र सुनील कुमार निवासी बम्भौर थाना जहांगीराबाद, इमरान सलीम पुत्र सलीम अहमद निवासी बागपत, हालपता शालीमार मन्नत कोतवाली नगर बाराबंकी को गिरफ्तार किया।
इनके कब्जे से 12 मोबाइल, एक लैपटाप, एक टैबलेट एवं कूटरचित एग्रीमेंट व ज्वाइनिंग लेटर एवं अन्य प्रपत्र बरामद किए गए। एसपी ने बताया कि इन सभी का एक संगठित गिरोह है जो ऑनलाइन गेमिंग कॉल सेण्टर, ओएलएक्स, फेसबुक व इंस्टाग्राम पर ऑनलाइन बेटिंग गेम व नौकरी का विज्ञापन अपलोड कर, लोगों को फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर पोर्न वीडियो देखने आदि की धमकी देकर डिजिटल अरेस्ट एवं अन्य विभिन्न तरीकों से साइबर अपराध में लिप्त था तथा अपने बैंक खातों में साइबर फ्राड कर रुपये भी मंगाते थे।
इनके कब्जे से विभिन्न बैंकों की विभिन्न शाखाओं के खाता संख्या प्राप्त हुई हैं जिनको एनसीआरपी व समन्वय पोर्टल के माध्यम से चेक किया गया तो उन खातों पर साइबर ठगी का पैसा ट्रांसफर होने सम्बन्धी शिकायत विभिन्न राज्यों जैसे दिल्ली, गुजरात, उत्तराखण्ड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र से दर्ज करायी गयी है।








