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एसएसपी आशीष तिवारी के मुताबिक सिपाही मनोज कुमार ड्यूटी में हमेशा अनुपस्थित रहने के साथ ही गैर जिम्मेदार होने व अनुशासनहीनता लगातार बरत रहा था। एसएसपी ने मार्च 2020 से रात्रि गणना में गैर हाजिर व डीजे आवास से गैर हाजिर, बिना कारण बताए छुट्टी पर चले जाने के ढाई साल का पूरा विवरण सार्वजनिक किया है।
पुलिस कार्यालय के सम्मन सेल में तैनात सिपाही मनोज कुमार ने बुधवार को मेस के भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाया था। इस दौरान सिपाही फूट-फूटकर रोया। उसने कहा कि वह दो दिन से भूखा है, लेकिन कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है। मेस में ऐसा भोजन मिल रहा है, जिसे कोई खा नहीं सकता। जब भरपेट खाना ही नहीं मिलेगा तो कैसे ड्यूटी होगी।
मनोज ने सोशल मीडिया के साथ कई अधिकारियों को भी मेस से मिलने वाला खाने की फोटो और वीडियो ट्विटर किए हैं। बताया जाता है कि मनोज ने इससे पहले भी कई बार खाने को लेकर सवाल अंदरखाने में उठाया था, लेकिन विभाग ने उसे सार्वजनिक नहीं होने दिया, लेकिन इस बार सिपाही मेस से भोजन की थाली लेकर हाईवे पर आ गया था।
सिपाही मनोज ने हाईवे के डिवाइडर पर बैठकर थाली से रोटी उठाकर उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए। लोगों को रोटी दिखाते हुए सिपाही ने कहा कि इस रोटी को जानवर भी नहीं खा सकते हैं… ऐसी रोटी हमें परोसी जा रही है। कई बार उसने पुलिस अधिकारियों से भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया।
पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक देवेंद्र सिंह सिकरवार का कहना था कि सिपाही मनोज कुमार का पत्नी से विवाद चल रहा है। इसके कारण वह परेशान रहता है। बुधवार को मेस में खाना लेने गया तो कतार लगी थी। मेस कमांडर ने नंबर से खाना लेने की बात कह दी। इसी बात को लेकर गाली-गलौज करने लगा था। रात को एसएसपी ने सिपाही मनोज के कारनामे गिनाने हुए उसे लापरवाह बताया।
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