कुल्लू में आंखों के सामने राख हो गया आधा गांव, गोशालाएं भी जलीं

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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के बंजार उपमंडल में भीषण अग्निकांड हुआ है। दोपहर बाद लगी आग से तीर्थन घाटी का पूरा झनियार गांव इसकी चपेट में आ गया। इसमें करीब 10 से 12 घर, दो मंदिर, 6 गोशालाएं और घास रखने की खलियां जलकर राख हो गई। ग्रामीणों और आसपास गांव के लोगों ने आग पर काबू पाने में अपने स्तर पर ही कोशिश की। सड़क से कई किमी दूर इस गांव तक अग्निशमन विभाग भी नहीं पहुंच पाया।

आग से पूरे गांव में अफरा तफरी और चीख पुकार मची रही। पहाड़ी क्षेत्रों में सर्दी के मौसम में आग लगने के ज्यादा मामले सामने आते हैं। कई बार ऐसा होता है कि सारे का सारा गांव ही राख हो जाता है। ठंड आते ही अक्सर पहाड़ों पर आगजनी बढ़ जाती है क्योंकि सेंकने के लिए रखी आग से आशियाने राख हो जाते हैं।

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यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इलाके में शीत ऋतु की शुरुआत हो रही है, जिससे नुकसान और राहत कार्य दोनों ही चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे एकजुट होकर इस आपदा का सामना करें और राहत कार्यों में सहयोग करें। इस हादसे में बेघर हुए ग्रामीण अब अस्थायी टेंट में रहकर अपनी जिंदगी की मुश्किलें झेल रहे हैं। प्रशासन ने प्रभावितों के लिए तात्कालिक राहत देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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