उन्नाव के अजगैन क्षेत्र में शुक्रवार रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जहां ससुराल से घर लौट रहे दंपति को तेज रफ्तार डंपर ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक चला रहे 37 वर्षीय मनीराम की मौके पर ही सिर कुचलने से मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल उनकी 33 वर्षीय पत्नी चांदनी ने जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और परिवार में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, अजगैन थाना क्षेत्र के तोमरनखेड़ा गांव निवासी मनीराम अपनी पत्नी चांदनी के साथ बीमार सास रामरती को देखने सदर क्षेत्र के दुर्गाखेड़ा गांव गए थे। रात करीब 10:30 बजे दोनों बाइक से घर लौट रहे थे, तभी कानपुर-लखनऊ हाईवे पर शेखपुर नरी और सिंगरोसी के बीच अनामिका होटल के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मनीराम डंपर के पहिये के नीचे आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल चांदनी को जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और डंपर को कब्जे में लेकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि डंपर को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी गई है।
परिवार की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। मनीराम चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे, जिनमें से एक भाई की पहले ही बीमारी से मौत हो चुकी है। अब इस हादसे के बाद परिवार में केवल दो भाई—खुशीराम और शिवशंकर—ही बचे हैं। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे भाई खुशीराम ने बताया कि मनीराम के दो बच्चे हुए थे, लेकिन वे भी जीवित नहीं हैं, जिससे यह परिवार पहले से ही दुखों से जूझ रहा था।
इस हादसे ने एक ही पल में पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। गांव में शोक का माहौल है और हर आंख नम है। वहीं, यह घटना एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से हो रहे हादसों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।








