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कर्तव्य पथ पर भारत ने दुनिया को दिखाई घातक हथियारों की झलक

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गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को दुनिया ने दिल्ली के कर्तव्य पथ पर नए भारत की ताकत देखी है। आज हिंद की सेना का शौर्य, राफेल और सुखोई की गर्जना ने दुश्मनों के पसीने छुड़ा दिए है। 77वें गणतंत्र दिवस पर ऑपरेशन सिंदूर का रीप्ले भी देखने को मिला। भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने आसमान में ऑपरेशन सिन्दूर का झंडा लेकर उड़ान भरी।

गणतंत्र दिवस पर इस बार मुख्य परेड की थीम वंदे मातरम् पर रखी गई है। परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलीं, जो ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित थीं। इस दौरान इंडियन एयरफोर्स के विमानों ने फ्लाईपास्ट किया है। इनमें कई फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलिकॉप्टर शामिल रहे। सभी एयरक्राफ्टों ने फॉर्मेशन बनाकर करतब दिखाया।

ब्रह्मोस के अटैक से भारत ने 11 पाकिस्तानी एयरबेस को उड़ा दिया था। आज कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस मिसाइल, राफेल, सुखोई, आकाश मिसाइल और दूसरे काउंटर ड्रोन गन्स का डिस्प्ले किया गया है। जाहिर है कि इन तस्वीरों के जरिए पाकिस्तान को सीधा मैसेज दिया गया है। ये मैसेज है कि अभी ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है। हिंदुस्तान की सेना के शूरवीर ऑपरेशन सिंदूर के अगले राउंड में पाकिस्तान का इतिहास और भुगोल बदल देंगे।

भारतीय सेना ने कर्तव्य पथ पर हाई मोबिलिटी टोही वाहन (HMRV) का प्रदर्शन किया है। ये भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया बख्तरबंद लाइट स्पेशलिस्ट वाहन है। इसे महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स द्वारा विकसित किया गया है और 2023 में कमीशन किया गया है। यह बैटलफील्ड सर्विलांस रडार से लैस है जो कम उड़ान वाले हेलीकॉप्टरों का पता लगाने में सक्षम है। साथ ही हाई मोबिलिटी टोही वाहन रडार ब्लाइंड जोन, उन्नत संचार और एंटी-ड्रोन गन को कवर करने के लिए ड्रोन के साथ, एचएमआरवी छोटी टीमों को दुश्मन के गश्ती दल और यहां तक ​​​​कि बख्तरबंद लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम बनाता है।

सोमवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड के दौरान भारतीय सेना के टी-90 भीष्म टैंक, अर्जुन एमके मुख्य युद्धक टैंक और इसके उसके बाद नाग मिसाइल सिस्टम (TRACKED) MK-2 का भी प्रदर्शन किया गया है।

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नई दिल्ली के कर्त्तव्य पथ पर विशेष बलों की एक टुकड़ी, जिसमें अजयकेतु ऑल-टेरेन व्हीकल, रंधवज रग्ड टेरेन टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम और ध्वसंक लाइट स्ट्राइक वाहन शामिल हैं, उनको भी डिस्प्ले किया गया है।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर परेड के दौरान दिव्यास्त्र और शक्तिबाण का प्रदर्शन किया गया है। दोनों ही अत्याधुनिक तकनीकों से लैस हैं। साथ में, वे तोपखाने की आग की दिशा के लिए नियोजित झुंड ड्रोन, टेथर्ड ड्रोन सिस्टम और स्वदेशी रूप से विकसित सामरिक हाइब्रिड यूएवी ज़ोल्ट का उपयोग करके उन्नत निगरानी का प्रदर्शन करते हैं।

भारत द्वारा सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम (URLS) और पाकिस्तान की हालत खराब करने वाले ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड के दौरान प्रदर्शित किया गया है।

आकाश वेपन सिस्टम और ABHRA- मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम (MRSAM) को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड के दौरान प्रदर्शित किया गया है।

डीआरडीओ एक लंबी दूरी की एंटी-शिप मिसाइल (एलआर-एएसएचएम) विकसित कर रहा है, जिसका प्रतिनिधित्व उत्कृष्ट वैज्ञानिक और परियोजना निदेशक ए प्रसाद गौड़ करेंगे। यह हथियार प्रणाली भारतीय नौसेना की तटीय बैटरी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन की गई है।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर परेड में डीआरडीओ की ओर से बनाए जा रहे लंबी दूरी की एंटी-शिप मिसाइल (LR-ASHM) का भी प्रदर्शन किया गया है। ये एक हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल है जो स्थिर और गतिमान लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है। इसे 1500 किलोमीटर तक की दूरी तक विभिन्न पेलोड ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। LR-ASHM के सफल डेवलपमेंट के साथ, भारत हाइपरसोनिक मिसाइल क्षमता वाले देशों के विशिष्ट क्लब में शामिल हो गया है।

बता दें कि LR-ASHM मिसाइल की हाइपरसोनिक गति 10 मैक से शुरू होती है और कई स्किप के साथ औसत मैक 5.0 बनाए रखती है। ये मिसाइल हाई स्पीड के साथ कम ऊंचाई पर उड़ान भरती है, इसलिए दुश्मन के जमीन और जहाज-आधारित रडार इस मिसाइल का पता नहीं लगा पाते हैं।

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