न्यूयॉर्क: अमेरिका में अपनी पत्नी की हत्या करके फरार हो चुके भारतीय नागरिक पर अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने 10 लाख डॉलर या करीब 9.2 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। पहले यह इनाम 2.5 लाख डॉलर या करीब 2.3 करोड़ रुपये था, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। 2015 में अपनी पत्नी की हत्या के आरोपी इस शख्स का नाम भद्रेश कुमार चेतनभाई पटेल है। 35 वर्षीय भद्रेश को आखिरी बार न्यू जर्सी के न्यूआर्क इलाके में देखा गया था। FBI ने उसे अपने ’10 मोस्ट वांटेड फ्यूजिटिव्स’ यानी 10 सबसे खतरनाक फरार अपराधियों की लिस्ट में रखा है।
12 अप्रैल 2015 को मैरीलैंड के हैनोवर में एक डोनट की दुकान पर दोनों पति-पत्नी नाइट शिफ्ट में काम कर रहे थे। दुकान भद्रेश कुमार के किसी रिश्तेदार की थी। रात करीब 12 बजे के ठीक पहले दुकान के पिछले कमरे में भद्रेश ने अपनी 21 साल की पत्नी पलक पटेल पर कई बार किसी भारी चीज से हमला किया, और चाकू से भी कई वार किए। इसके बाद वह पीछे के दरवाजे से भाग गया। एक ग्राहक जब दुकान पर आया और कोई ऑर्डर लेने नहीं आया तो उसे शक हुआ। उसने पुलिस को बुलाया और जांच के दौरान मौके पर ही दम तोड़ चुकी पलक की लाश मिली। जांचकर्ता जोनाथन शैफर ने बाद में कहा, ‘इस युवती के साथ जो किया गया, वह बेहद भयानक था।’
हत्या के बाद भद्रेश सड़क पार करके अपने अपार्टमेंट गया। वहां से कुछ कपड़े और कैश लेकर टैक्सी पकड़ी। टैक्सी उसे न्यू जर्सी के न्यूआर्क लिबर्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक होटल ले गई। रात करीब 3 बजे उसने बिना किसी बैग के उसी में होटल में चेक-इन किया। सुबह 10 बजे उसने चेक-आउट किया और होटल की शटल बस से न्यूआर्क पेन स्टेशन पहुंच गया। उसके बाद उसे किसी ने नहीं देखा। FBI ने चेतावनी दी है कि भद्रेश ‘हथियारबंद और बेहद खतरनाक’ है।
पलक पटेल और भद्रेश कुमार दोनों के वीजा की अवधि पहले ही खत्म हो गई थी। पलक भारत वापस जाना चाहती थी, लेकिन भद्रेश इसके खिलाफ था। जांचकर्ता जोनाथन शैफर ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि वह अपनी पत्नी को वापस जाने नहीं देना चाहता था। शायद उसे डर था कि पत्नी के भारत लौटने से उसकी इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी। अपराध के बाद उसके काम करने का तरीका दिखाता है कि वह बहुत ठंडे दिमाग से और सोच-समझकर फरार हुआ है।’
भद्रेश पर प्रथम-डिग्री हत्या, द्वितीय-डिग्री हत्या, प्रथम-डिग्री हमला, द्वितीय-डिग्री हमला और जान-बूझकर चोट पहुंचाने के लिए खतरनाक हथियार इस्तेमाल करने के आरोप हैं। 15 अप्रैल 2015 को मैरीलैंड के बाल्टीमोर जिले की अदालत ने उसके खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया। उसके ऊपर आरोप था कि वह मुकदमे से बचने के लिए भाग गया। FBI का मानना है कि वह अमेरिका में किसी दूर के रिश्तेदार के पास छिपा हो सकता है, या फिर कनाडा भाग गया हो, या कनाडा होते हुए भारत भी पहुंच गया हो। 2017 में जारी FBI के बयान में कहा गया था कि ये सारे विकल्प जांचे जा रहे हैं।








