Home उत्तर प्रदेश उन्नाव में वन क्लिक डीबीटी से किसानों को बीमा राशि जारी

उन्नाव में वन क्लिक डीबीटी से किसानों को बीमा राशि जारी

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अक्षत टाइम्स संवाददाता, उन्नाव, 21 फरवरी। कलेक्ट्रेट सभागार शनिवार को एक ऐसे कार्यक्रम का गवाह बना, जिसका इंतजार कई किसान महीनों से कर रहे थे। प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान से जूझ रहे किसानों के खातों में सीधे बीमा और राहत की राशि ट्रांसफर की गई। लखनऊ से वर्चुअल माध्यम से जुड़े सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘वन क्लिक’ के जरिए यह रकम जारी की। यह भुगतान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किया गया। जिन किसानों की फसल ओलावृष्टि, अतिवृष्टि या अन्य प्राकृतिक कारणों से प्रभावित हुई थी, उन्हें सर्वे और सत्यापन के बाद पात्र मानते हुए सीधे बैंक खातों में राशि भेजी गई। पूरी प्रक्रिया प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी सिस्टम से पूरी की गई, जिससे किसी भी स्तर पर बिचौलिये की गुंजाइश नहीं रही।

कैसे हुआ पूरा भुगतान
अधिकारियों के मुताबिक पहले राजस्व टीमों ने खेतों का सर्वे किया। नुकसान का आकलन किया गया। उसके बाद पात्र किसानों का डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया गया। सत्यापन पूरा होते ही सूची को स्वीकृति दी गई और निर्धारित तिथि पर एक साथ भुगतान जारी कर दिया गया। प्रशासन का दावा है कि डिजिटल प्रक्रिया से भुगतान में देरी कम हुई है और पारदर्शिता बनी रही है। जिन किसानों के दावे अभी प्रक्रिया में हैं, उन्हें भी जल्द भुगतान करने की बात कही गई है।

लाभार्थियों को चेक और प्रणाम पत्र वितरित
विधायक पंकज गुप्ता ने कार्यक्रम के दौरान चयनित लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से चेक और प्रणाम पत्र भी दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि सरकार की मंशा है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित कोई भी किसान आर्थिक संकट में न फंसे। बीमा योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इसका लाभ ले सकें।

किसानों के चेहरे पर राहत
सभागार में मौजूद कई किसानों ने बताया कि पिछले सीजन में मौसम ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया था। कर्ज और अगली बुवाई की चिंता अलग थी। ऐसे में खाते में सीधे रकम आने से राहत मिली है। कुछ किसानों को प्रतीकात्मक रूप से प्रमाण पत्र भी सौंपे गए। एक किसान ने कहा कि पहले भुगतान के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन इस बार मोबाइल पर मैसेज आया और बैंक में रकम पहुंच गई। इससे भरोसा भी बढ़ा है।

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जनप्रतिनिधियों और अफसरों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि किसान को समय पर मदद मिलना सबसे जरूरी है। अगर राहत देर से पहुंचे तो उसका असर कम हो जाता है। उन्होंने कहा कि कोशिश है कि प्रक्रियाएं सरल हों और किसान को कम से कम कागजी झंझट का सामना करना पड़े। मंच पर एडीएम सुशील कुमार, सीडीओ कृति राज समेत राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि बीमा योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए गांव स्तर पर भी अभियान चलाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इसका लाभ ले सकें।

प्रशासन का दावा, कोई पात्र किसान नहीं रहेगा वंचित
प्रशासन का कहना है कि मौसम से जुड़ी आपदाएं अचानक आती हैं, इसलिए राहत तंत्र को पहले से तैयार रखना जरूरी है। डिजिटल डेटा और ऑनलाइन ट्रैकिंग से दावों के निस्तारण की निगरानी की जा रही है। लक्ष्य यह है कि कोई भी पात्र किसान आर्थिक संकट में न फंसे। कलेक्ट्रेट में हुआ यह कार्यक्रम सिर्फ भुगतान का औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह संदेश भी था कि तकनीक के जरिए सरकारी योजनाओं को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने की दिशा में कदम तेज किए जा रहे हैं। किसानों के लिए यह मदद आने वाले सीजन की तैयारी में सहारा साबित हो सकती है।

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