Home उत्तर प्रदेश कानपुर मेट्रो ने आठ स्टेशनो पर कियॉस्क लगाने का टेंडर किया जारी

कानपुर मेट्रो ने आठ स्टेशनो पर कियॉस्क लगाने का टेंडर किया जारी

0
61

कानपुर मेट्रो अपने यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आनंदमय यात्रा अनुभव देने के साथ-साथ स्टेशनों को व्यावसायिक और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित कर रहा है। इसी कड़ी में प्रॉयोरिटी कॉरिडोर (आईआईटी- मोतीझील) के 8 स्टेशनों पर कियॉस्क लगाने के लिए टेंडर जारी किया गया है।

वर्तमान में कानपुर मेट्रो के प्रॉयोरिटी कॉरिडोर (आईआईटी – मोतीझील) में कुल 20 आउटलेट्स संचालित हैं, जिनमें खान-पान के अलावा इलेक्ट्रॉनिक, जिम और मेडिसिन से जुड़े आउटलेट्स भी शामिल हैं।

यात्री सुविधाओं के विस्तार के क्रम में, प्रॉयोरिटी कॉरिडोर के आठ स्टेशनों आईआईटी, कल्यानपुर, एसपीएम, विश्वविद्यालय, गुरूदेव चौराहा, गीता नगर, एलएलआर हॉस्पिटल और मोती झील, पर कियॉस्क लगाने के लिए निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्टेशनों पर ऐसे स्पेस की कुल संख्या 41 है और इनके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 23 फरवरी तक है।

यूपीएमआरसी के वेबसाइट upmetrorail.com से स्टेशनों पर कियॉस्क खोलने के लिए इच्छुक लोग/संस्थाएं विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। कानपुर मेट्रो के स्टेशनों पर बुक फेयर, एनजीओ व सेल्फ हेल्प ग्रुप और व्यावसायिक अस्थायी स्टॉल लगाने की सुविधा भी उपलब्ध है। एनजीओ व सेल्फ हेल्प ग्रुप के लिए मात्र 500 रूपए प्रतिदिन और व्यावसायिक स्टॉल के लिए मात्र 1250 रूपए प्लस जीएसटी प्रतिदिन की दर पर स्टॉल लगाने की सुविधा है।

यह भी पढ़ें -  आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर चलती बस में अचानक लगी आग

बुक फेयर के लिए मात्र 700 (200 वर्ग फीट), 900 (300 वर्ग फीट) और 1100 रुपये (400 वर्ग फीट) प्रतिदिन के दर पर स्टॉल लगाने की सुविधाएं उपलब्ध हैं। गौरतलब है कि आई – मेट्रो द्वारा जारी की परफॉर्मेंस इंडेक्स के अनुसार गैर-किराया राजस्व अनुपात (नॉन फेयर बॉक्स रेवेन्यू रेशियो) के मामले में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन का प्रदर्शन अन्य टियर-2 मेट्रो प्रणालियों की तुलना में लगभग 95 प्रतिशत अधिक रहा है।

प्रॉपर्टी डेवलपमेंट, विज्ञापन, स्टेशन परिसरों में व्यावसायिक स्टॉल, बुक फेयर, एनजीओ और स्वयं सहायता समूहों के लिए स्टॉल जैसे विविध उपायों के माध्यम से नॉन-फेयर बॉक्स रेवेन्यू में निरंतर वृद्धि हुई है। इन प्रयासों से ना केवल राजस्व बढ़ा है, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी अवसर प्राप्त हुए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here