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Kashi Tamil Sangmam: रेल मंत्री ने विद्यार्थियों से किया संवाद, बोले-  रेलवे लाएगा 1.48 लाख रोजगार के अवसर

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काशी तमिल संगमम में रेल मंत्री

काशी तमिल संगमम में रेल मंत्री
– फोटो : अमर उजाला

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काशी तमिल संगमम में शनिवार को बीएचयू एंफीथिएटर मैदान में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्कूली बच्चों व बीएचयू के छात्र-छात्राओं से संवाद किया। रेलमंत्री ने बताया कि रेलवे जल्द युवाओं के लिए 1.48 लाख रोजगार के अवसर सृजन कर रहा है।  युवाओं के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम की भी शुरुआत की जा रही है। आने वाले समय में देश के 100 विश्वविद्यालयों में 5जी लैब बनाए जाएंगे और उससे युवाओं को जोड़ा जाएगा।

रेलमंत्री ने बताया कि भारतीय रेल आधारभूत संरचना को मजबूत करने का काम कर रहा है। देश के 45 शहरों में रेलवे स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। अगले 50 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर अहमदाबाद, गांधीनगर, चारबाग, लखनऊ, चेन्नई, बंगलुरू कैंट, मदुरई सहित देश के 50 रेलवे स्टेशन के लिए केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।

इस दौरान उन्होंने रेलवे के निजीकरण पर छात्रों के सवाल को सिरे से नकार दिया। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. पीके जैन, बरेका महाप्रबंधक अंजली गोयल, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाष यादव आदि मौजूद रहे। 

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अहमदाबाद से मुंबई के बीच बन रही पहली बुलेट ट्रेन का काम 500 किलोमीटर के सेक्शन में तेजी से चल रहा है। इसके संचालन के लिए 118 किलोमीटर तक पिलर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने चार से पांच बैच में विद्यार्थियों के समूह को एक स्पेशल ट्रेन के माध्यम से इसके निर्माण कार्य से रूबरू कराने के लिए बरेका की महाप्रबंधक से कहा। रेलमंत्री ने कहा कि भारत में ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है जिससे ड्रोन का कृषि सहित बुनियादी स्तर पर अधिकाधिक उपयोग हो सके।

सवाल : रेलवे युवाओं से क्या अपेक्षा रखता है। – आशुतोष अग्रवाल, प्रबंधशास्त्र संकाय
जवाब : रेलवे युवाओं के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू कर रहा है। रेलवे जल्द ही युवाओं के लिए 1.48 लाख रोजगार के अवसर ला रहा है। 800 स्टार्टअप रेलवे के साथ मिलकर विभिन्न समस्याओं पर काम करेंगे।

सवाल : रेलवे का विकास हो रहा है लेकिन आज भी यूपी और बिहार के ट्रेनें काफी लेट होती हैं। – यश दवे, विधि संकाय
जवाब : वर्तमान में 11 करोड़ लोग रोजाना रेलवे का सफर कर रहे हैं लेकिन अभी हम आठ करोड़ यात्रियों को ही सुविधाएं दे पा रहे है। सभी के लिए रेल यात्रा सुलभ हो, इसके लिए हम ज्यादा से ज्यादा रेलवे ट्रैक बिछा रहे हैं। इससे ट्रेनों के लेट होने की समस्या तो दूर होगी ही वेटिंग लिस्ट से भी छुटकारा मिल जाएगा।

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सवाल : रेलवे स्टेशन को नया व भव्य रूप दिया जा रहा है। क्या एक आम आदमी इन सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकता है। – सोमती राय, एमएमवी
जवाब : छोटे-छोटे गांवों से आने वाले आम आदमी भी इन सुविधाओं का पूरा लाभ उठा सकेंगे। स्टेशनों को भव्य रूप देने में यात्रियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसका पूरा खर्च पीएम के सामान्य बजट से वजह किया जा रहा है।

सवाल : पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए रेलवे का इस्तेमाल कैसा किया जा सकता है। – ओशी धर, वसंत महिला महाविद्यालय।
जवाब : रेलवे में कार्बन व सीओटू का उत्सर्जन बहुत कम है। पर्यावरण को देखते हुए ही रेलवे का अब तक 80 प्रतिशत तक विद्युतीकरण किया जा चुका है। इससे डीजल के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता खत्म भी खत्म हो रही है। हम सोलर एनर्जी की ओर भी बढ़ रहे हैं।

सवाल : आपकी सफलता का क्या मूलमंत्र है।- अपेक्षा राजपूत
जवाब : प्रधानमंत्री ने राजनीति की दिशा बदल दी है। उन्होंने राजनीति को सेवा का नाम दिया है। वो राजनीति को आम लोगों की सेवा करने का अवसर मानते हैं। हमारे काम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सके, यही हमारा मूलमंत्र है। 
 

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काशी तमिल संगमम में शनिवार को बीएचयू एंफीथिएटर मैदान में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्कूली बच्चों व बीएचयू के छात्र-छात्राओं से संवाद किया। रेलमंत्री ने बताया कि रेलवे जल्द युवाओं के लिए 1.48 लाख रोजगार के अवसर सृजन कर रहा है।  युवाओं के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम की भी शुरुआत की जा रही है। आने वाले समय में देश के 100 विश्वविद्यालयों में 5जी लैब बनाए जाएंगे और उससे युवाओं को जोड़ा जाएगा।

रेलमंत्री ने बताया कि भारतीय रेल आधारभूत संरचना को मजबूत करने का काम कर रहा है। देश के 45 शहरों में रेलवे स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। अगले 50 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर अहमदाबाद, गांधीनगर, चारबाग, लखनऊ, चेन्नई, बंगलुरू कैंट, मदुरई सहित देश के 50 रेलवे स्टेशन के लिए केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।

इस दौरान उन्होंने रेलवे के निजीकरण पर छात्रों के सवाल को सिरे से नकार दिया। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. पीके जैन, बरेका महाप्रबंधक अंजली गोयल, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाष यादव आदि मौजूद रहे। 



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