लखनऊ : प्रदेश में अवैध खनन और ओवरलोडिंग की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी अभियान चलाया। इस दौरान 409 वाहनों की गहन जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लगभग 29.65 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया।
विभाग के अनुसार, अभियान के तहत अवैध खनिज परिवहन और ओवरलोडिंग पर विशेष निगरानी रखी गई। नियमों का पालन न करने वाले वाहनों के खिलाफ मौके पर कार्रवाई कर जुर्माना राजकोष में जमा कराया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अवैध खनन पर सख्ती और पर्यावरण संरक्षण के विजन के अनुरूप चलाया गया।
भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव व निदेशक माला श्रीवास्तव ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्रों में स्रोत बिंदु पर ही लोडिंग मानकों की सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए और नियमों के उल्लंघन पर मौके पर कार्रवाई की जाए।
विभाग अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग कर रहा है। प्रदेश के चेकगेट्स पर आईओटी आधारित पीटीजेड और एएनपीआर कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे 24 घंटे वाहनों की निगरानी की जा रही है। इन कैमरों के जरिए वाहनों के नंबर और गतिविधियों की डिजिटल मॉनिटरिंग संभव हो रही है, जिससे अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिल रही है।
अधिकारियों का कहना है कि तकनीक और सतत प्रवर्तन कार्रवाई के माध्यम से अवैध खनन पर नकेल कसने की कोशिश की जा रही है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सरकारी राजस्व की भी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।








