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Mathura: छह साल बाद भी जवाहर बाग में नहीं लग सकीं शहीद पुलिस अफसरों की प्रतिमाएं, 2 जून 2016 को हिंसा में गई थी जान

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मथुरा के जवाहर बाग हिंसा के दो जून को छह साल हो जाएंगे। हिंसा की आग में जले जवाहर बाग की सूरत और सीरत तो सरकार ने बदल दी, लेकिन अभी तक शहीद तत्कालीन एसपी सिटी और एसओ की प्रतिमाएं जवाहर बाग में नहीं लग सकीं। जबकि 25 जून 2021 को नगर निगम की कैबिनेट में शहीदों की प्रतिमाएं लगाने के प्रस्ताव पर मुहर तक लग चुकी है।
 
2 जून 2016 को जवाहर बाग को रामवृक्ष यादव के कब्जे से मुक्त कराते हुए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव शहीद हो गए थे। इस हिंसा में 27 लोगों की जानें भी गई थीं। भाजपा ने तत्कालीन सपा की सरकार को जमकर घेरा था। भाजपा की सरकार बनने के बाद नेताओं ने प्रतिमाएं लगाने का एलान किया था। जवाहर बाग को विकसित करने के लिए 14 करोड़ रुपये भी खर्च किए हैं। लेकिन अभी तक प्रतिमाएं नहीं लगीं हैं। 

शहीद एसपी सिटी की पत्नी हर वर्ष आती हैं समाधि स्थल 

हिंसा में शहीद हुए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी पिछले पांच साल से अपने पति की पुण्यतिथि पर उनकी समाधि स्थल पुष्प अर्पित करती हैं। दो जून को वह मथुरा आएंगी। अर्चना ने बताया कि छह साल गुजरने के बाद भी आजतक शहीदों की प्रतिमाएं नहीं लगाईं। 

शासन की अनुमति का इंतजार

नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि नगर निगम की कैबिनेट में शहीद मुकुल द्विवेदी और संतोष यादव की प्रतिमाएं लगाने के प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है। अब शासन से अनुमति मिलने के बाद ही नगर निगम अपने खर्चे पर दोनों शहीदों की प्रतिमाएं लगाएगा।

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मथुरा के जवाहर बाग हिंसा के दो जून को छह साल हो जाएंगे। हिंसा की आग में जले जवाहर बाग की सूरत और सीरत तो सरकार ने बदल दी, लेकिन अभी तक शहीद तत्कालीन एसपी सिटी और एसओ की प्रतिमाएं जवाहर बाग में नहीं लग सकीं। जबकि 25 जून 2021 को नगर निगम की कैबिनेट में शहीदों की प्रतिमाएं लगाने के प्रस्ताव पर मुहर तक लग चुकी है।

 

2 जून 2016 को जवाहर बाग को रामवृक्ष यादव के कब्जे से मुक्त कराते हुए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव शहीद हो गए थे। इस हिंसा में 27 लोगों की जानें भी गई थीं। भाजपा ने तत्कालीन सपा की सरकार को जमकर घेरा था। भाजपा की सरकार बनने के बाद नेताओं ने प्रतिमाएं लगाने का एलान किया था। जवाहर बाग को विकसित करने के लिए 14 करोड़ रुपये भी खर्च किए हैं। लेकिन अभी तक प्रतिमाएं नहीं लगीं हैं। 

शहीद एसपी सिटी की पत्नी हर वर्ष आती हैं समाधि स्थल 

हिंसा में शहीद हुए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी पिछले पांच साल से अपने पति की पुण्यतिथि पर उनकी समाधि स्थल पुष्प अर्पित करती हैं। दो जून को वह मथुरा आएंगी। अर्चना ने बताया कि छह साल गुजरने के बाद भी आजतक शहीदों की प्रतिमाएं नहीं लगाईं। 

शासन की अनुमति का इंतजार

नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि नगर निगम की कैबिनेट में शहीद मुकुल द्विवेदी और संतोष यादव की प्रतिमाएं लगाने के प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है। अब शासन से अनुमति मिलने के बाद ही नगर निगम अपने खर्चे पर दोनों शहीदों की प्रतिमाएं लगाएगा।

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