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एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि किरणपाल का गांव के ही धीर सिंह की पत्नी मिथलेश से करीब 10 साल से प्रेम-प्रसंग था। दोनों परिवारों में इस पर कई बार विवाद भी हुआ। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे मिथलेश गोबर लेकर जा रही थी कि घर से करीब 40 मीटर दूर ही किरणपाल उसे रोककर बात करने लगा। इस दौरान उसने अचानक चार गोलियां मारकर मिथलेश की हत्या कर दी। कुछ देर तक वह उसके शव से लिपटकर रोता रहा। गोली की आवाज सुन ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। तभी किरणपाल ने भी जान दे दी। सीओ सदर देहात पूनम सिरोही और एसओ परीक्षितगढ़ पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया।
किरणपाल और मिथलेश का प्रेम प्रसंग 10 वर्ष से चल रहा था। दोनों के बीच कई दिन से अनबन थी। पुलिस का कहना है कि मिथलेश ने कई दिन से बात करनी बंद कर दी थी जिसके बाद ही किरणपाल ने हत्या की योजना बनाई। वारदात के बाद उसने भी खुदकुशी कर ली। शुक्रवार सुबह छह बजे जब किरणपाल ने मिथलेश को रास्ते में रोका तो उस वक्त आसपास कुछ लोग भी थे। बताया गया है कि किरणपाल ने मिथलेश से कहा कि तू मुझे छोड़ नहीं सकती। साथ जिए हैं तो मरेंगे भी साथ।
मिथलेश की दो बेटियां और किरणपाल का बेटा शादीशुदा : पुलिस ने बताया कि दोनों की प्रेम कहानी का पता परिवार के लोगों को थी। इसको लेकर किरणपाल का कई बार उसके बेटों से झगड़ा भी हुआ। दोनों परिवार के लोगों में कई बार विवाद भी हुआ। इसके बावजूद दोनों का मिलना-जुलना बंद नहीं हुआ। दोनों के प्रेम की चर्चा ग्रामीणों में होने लगी थी। मिथलेश की दो बेटियों की शादी हो चुकी है। वहीं किरणपाल का बेटा भी विवाहित है।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
मिथलेश की तीन बेटियां और दो बेटे हैं। वहीं किरणपाल के तीन बेटे और दो बेटियां हैं। दोनों की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों परिवार के लोगों ने पहले एक दूसरे पर आरोप लगाए और वह चुप हो गए है। गांव में सुरक्षा के मददेनजर पुलिस तैनात कर दी है।
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