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Prayagraj: संगम की रेती पर डॉक्टरों का महाकुंभ, तीन दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस में जुटेंगे देशभर के नामी चिकित्सक

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फाइल फोटो

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– फोटो : PTI

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संगमनगरी प्रयागराज में पहली बार डॉक्टरों का महाकुंभ होगा। इसमें देश भर के नामी डॉक्टर शामिल होंगे। इसके लिए आईएमए और एएमए के पदाधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। खास बात यह कि आयोजन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.शरद अग्रवाल शपथ भी लेंगे।

संगम नगरी में छह वर्षों में अर्द्धकुंभ और 12 वर्षों में लगने वाले कुंभ मेले में पूरी दुनिया पहुंचती है। लेकिन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से पहली बार प्रयागराज में नेशनल कांफ्रेस के तहत डॉक्टरों का महाकुंभ लगेगा।

इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुजीत कुमार सिंह के मुताबिक नेशनल कांफ्रेस में नेशनल वर्किंग कमेटी की बैठक भी होगी जिसमें देश के साथ ही सभी प्रदेश के मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। पूरे आयोजन में 500 से अधिक प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है। 

तीन दिनों यानी 26 से 28 अक्तूबर तक आयोजित कांफ्रेंस के दौरान चिकित्सा सेवा की चुनौतियों और नर्सिंगहोम तथा निजी अस्पताल के संचालन में आने वाली समस्याओं आदि पर भी चर्चा होगी। विशेष रूप से मेडिकल वायलेंस एक्ट के निर्माण को लेकर विशेषज्ञ और चिकित्सक चर्चा करेंगे ताकि चिकित्सकों के साथ होने वाले वायलेंस को रोकने में मदद मिले। साथ ही उनको सुरक्षित रखा जा सके।

डॉ.सुजीत के मुताबिक 50 बेड के नर्सिंगहोम के संचालन में भी डॉक्टरों को तमाम तरह की समस्याएं उठानी पड़ती हैं। अकेले नगर निगम ही पांच तरह के टैक्स लेता है। कांफ्रेंस में इन समस्याओं से जुड़ी बातों पर चर्चा होगी। इस दौरान आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.शरद अग्रवाल का शपथ ग्रहण समारोह भी होगा। नेशनल वर्किंग कमेटी की दो बैठकों के अतिरिक्त कई साइंटिफिक प्रोग्राम भी होंगे। कांफ्रेंस में अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सक इलाज के नए आयामों और सुविधाओं पर अपनी बात रखेंगे।

इन मुद्दों पर होगी चर्चा
– मेडिकल वायलेंस एक्ट का गठन
– क्लीनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट में दिए गए सुझाव
–  नर्सिंगहोम से संबंधित मामले
– इनकम टैक्स देने वाले डॉक्टरों को 65 या 70 वर्ष की उम्र में सरकार से मदद
– घाटे में चलने वाले नर्सिंगहोम को सरकारी मदद ताकि वह घाटे से उबर सकें
– नर्सिंगहोम का लाइसेंस लेने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम
– नर्सिंगहोम या निजी अस्पतालों को बिजली के बिल में छूट समेत अन्य मुद्दे

ये नामी चिकित्सक होंगे शामिल
कांफ्रेंस में डॉ. केतन देसाई, डॉ.रवि वानखेड़का, डॉ.शरद अग्रवाल, डॉ.प्रदीप सिंह, डॉ.जयेश लेले समेत अन्य कई नामी चिकित्सक शामिल होंगे।
 

यह भी पढ़ें -  Lucknow: लखनऊ में डिजिटल कौशल कार्यक्रम के तहत छात्राओं को बांटे प्रमाणपत्र, बताया कौशल का महत्व

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संगमनगरी प्रयागराज में पहली बार डॉक्टरों का महाकुंभ होगा। इसमें देश भर के नामी डॉक्टर शामिल होंगे। इसके लिए आईएमए और एएमए के पदाधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। खास बात यह कि आयोजन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.शरद अग्रवाल शपथ भी लेंगे।

संगम नगरी में छह वर्षों में अर्द्धकुंभ और 12 वर्षों में लगने वाले कुंभ मेले में पूरी दुनिया पहुंचती है। लेकिन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से पहली बार प्रयागराज में नेशनल कांफ्रेस के तहत डॉक्टरों का महाकुंभ लगेगा।

इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुजीत कुमार सिंह के मुताबिक नेशनल कांफ्रेस में नेशनल वर्किंग कमेटी की बैठक भी होगी जिसमें देश के साथ ही सभी प्रदेश के मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। पूरे आयोजन में 500 से अधिक प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है। 

तीन दिनों यानी 26 से 28 अक्तूबर तक आयोजित कांफ्रेंस के दौरान चिकित्सा सेवा की चुनौतियों और नर्सिंगहोम तथा निजी अस्पताल के संचालन में आने वाली समस्याओं आदि पर भी चर्चा होगी। विशेष रूप से मेडिकल वायलेंस एक्ट के निर्माण को लेकर विशेषज्ञ और चिकित्सक चर्चा करेंगे ताकि चिकित्सकों के साथ होने वाले वायलेंस को रोकने में मदद मिले। साथ ही उनको सुरक्षित रखा जा सके।

डॉ.सुजीत के मुताबिक 50 बेड के नर्सिंगहोम के संचालन में भी डॉक्टरों को तमाम तरह की समस्याएं उठानी पड़ती हैं। अकेले नगर निगम ही पांच तरह के टैक्स लेता है। कांफ्रेंस में इन समस्याओं से जुड़ी बातों पर चर्चा होगी। इस दौरान आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.शरद अग्रवाल का शपथ ग्रहण समारोह भी होगा। नेशनल वर्किंग कमेटी की दो बैठकों के अतिरिक्त कई साइंटिफिक प्रोग्राम भी होंगे। कांफ्रेंस में अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सक इलाज के नए आयामों और सुविधाओं पर अपनी बात रखेंगे।

इन मुद्दों पर होगी चर्चा

– मेडिकल वायलेंस एक्ट का गठन

– क्लीनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट में दिए गए सुझाव

–  नर्सिंगहोम से संबंधित मामले

– इनकम टैक्स देने वाले डॉक्टरों को 65 या 70 वर्ष की उम्र में सरकार से मदद

– घाटे में चलने वाले नर्सिंगहोम को सरकारी मदद ताकि वह घाटे से उबर सकें

– नर्सिंगहोम का लाइसेंस लेने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम

– नर्सिंगहोम या निजी अस्पतालों को बिजली के बिल में छूट समेत अन्य मुद्दे

ये नामी चिकित्सक होंगे शामिल

कांफ्रेंस में डॉ. केतन देसाई, डॉ.रवि वानखेड़का, डॉ.शरद अग्रवाल, डॉ.प्रदीप सिंह, डॉ.जयेश लेले समेत अन्य कई नामी चिकित्सक शामिल होंगे।

 



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