रामपुर। शुक्रवार दोपहर को जिला कारागार में बंद जब सपा नेता आजम खां गेट के बाहर आए तो कैदी वाहन देखकर उन्होंने बैठने से मना कर दिया। उन्होंने बोलेरो की मांग की। जिसके बाद वह जेल के अंदर चले गए। जिससे प्रशासन के हाथ-पैर फुल गए। बाद में कोर्ट को उनकी बीमारी का हवाला दिया, जिसके बाद वो वीसी के जरिए पेश हुए।
अमर सिंह पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने उनको तलब किया था। उसके बाद गंज प्रभारी सहित पूरी पुलिस फोर्स उनको कोर्ट में पेश करने के लिए कैदी वाहन लेकर गेट पर पहुंच गई। उसके बाद वाहन को गेट पर लगवाकर आजम खां का इंतजार किया जा रहा था कि कैदी वाहन को देखकर आजम खां का पारा चढ़ गया। उन्होंने अपने लिए बुलेरों की मांग की। उसके बाद वह जिला कारागार के अंदर चले गए। जिससे जेल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के हाथ-पैर फुल गए। सूत्रों की माने तो उन्होंने कहा कि वह राजनैतिक कैदी है। वह कैदी वाले वाहन में नहीं जाएंगे। उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बाद आजम खां के बीमार होने का हवाला देकर उनको वीसी के जरिए पेश किया। उसके बाद कोर्ट ने उनको साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
सपा नेता आजम खां के जेल से गेट पर बाहर आते कंट्रोल से मैसेज पास हो गया था कि आजम खां आ रहे हैं उसके बाद सीओ सिटी कोर्ट परिसर में पहुंच गए थे।गेट को बंद कर लिया गया था। अधिवक्ताओं के अलावा किसी को अंदर नहीं आने दिया जा रहा था। सुरक्षा के लिहाज से मुख्य चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि बाद में वीसी से पेश होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
18 नवंबर को सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां को दो पैन कार्ड मामले में सात-सात साल की सजा सुनाई थी।उसके बाद से दोनों जिला कारागार में बंद है।10 दिन का समय बीत चुका है। शुक्रवार को आजम खां के कोर्ट आने की जानकारी मिलने के बाद सपा कार्यकर्ता कचहरी पहुंच गए। उनके आने का इंतजार किया जाता रहा। हालांकि वह नहीं आए। वह बरी हो गए। उसके बाद सपाइयों ने राहत की सांस ली। कचहरी परिसर में अनुराधा चौहान,सतनाम सिंह मट्टू सैयद आमिर आदि लोग मौजूद रहे।








