बाराबंकी। कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन के साथ जनपद में 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की। डीएम ने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण व मानक अनुरूप पूरे हों। लापरवाही, देरी या घटिया सामग्री मिलने पर संबंधित अधिकारियों व अभियंताओं पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
नोडल अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजाम बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत व श्रमिक सुरक्षा उपकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक में 12 पूर्ण परियोजनाओं को शीघ्र हैंडओवर कर जनहित में शुरू करने के निर्देश दिए गए, जबकि अपूर्ण कार्यों में तेजी लाने, बाधाएं दूर करने और विभागीय समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
समीक्षा में जिला चिकित्सालय में 50 शैय्या क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल, अवसानेश्वर महादेव मंदिर व ग्राम सिल्हौर स्थित लालेस्वर शिव मंदिर का पर्यटन विकास, पद्मश्री बाबू केडी सिंह के पैतृक आवास को संग्रहालय बनाने, बनीकोडर, सिरौलीगौसपुर व नवाबगंज के आईटीआई भवन, राजकीय पॉलिटेक्निक छात्रावास, सतरिख पौधशाला, तीरगांव सर्वोदय विद्यालय ट्रांजिट हॉस्टल, कृषि फार्म, जीजीआईसी देवा, डायट गणेशपुर, बुढ़वाबाबा मंदिर सहित थाना जैदपुर, सतरिख, आरएस घाट, देवा व मसौली के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक में जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए सहित लोक निर्माण विभाग, जल निगम, बाढ़ खंड, नेडा व शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।








