Home उत्तर प्रदेश Surya Grahan: श्रीकाशी विश्वनाथ धाम समेत वाराणसी के सभी मंदिरों के कपाट...

Surya Grahan: श्रीकाशी विश्वनाथ धाम समेत वाराणसी के सभी मंदिरों के कपाट बंद, जानें कब शुरू होगा दर्शन पूजन

0
100

[ad_1]

काशी विश्वनाथ मंदिर में एक भी श्रद्धालु नहीं

काशी विश्वनाथ मंदिर में एक भी श्रद्धालु नहीं
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

सूर्यग्रहण के कारण श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट आज दोपहर में साढ़े तीन बजे बंद हो गए। बुधवार को सूर्योदय के बाद ही आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। वहीं अन्नपूर्णा मंदिर, संकट मोचन, दुर्गा मंदिर सहित कई अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन पूजन आज शाम सूर्यग्रहण के मोक्ष के बाद ही दर्शन-पूजन आरंभ हो जाएंगे। इस दौरान बाबा की सप्तर्षि आरती, श्रृंगार भोग आरती, शयन आरती नहीं होगी।

26 अक्तूबर को प्रात: सूर्योदय के पश्चात मोक्ष पूजा एवं मंगला आरती के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शनार्थियों के लिए खोला जाएगा। वहीं अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी ने बताया कि मंदिर के कपाट दो बजे बंद हो गए और शाम को 7:30 बजे कपाट खुल जाएंगे।

संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र ने बताया कि मंदिर का पट भोर में ही मंगला आरती के बाद बंद हो गया था। सूर्य ग्रहण के मोक्षकाल के बाद मंदिर खुलेगा और दर्शन-पूजन शुरू हो जाएगा। 

यह भी पढ़ें -  UP Chunav 2022: कन्नौज के 1581 बूथों पर शाम छह बजे तक होगा मतदान, चुनावी यज्ञ में डाली जाएगी वोट की आहुति

विस्तार

सूर्यग्रहण के कारण श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट आज दोपहर में साढ़े तीन बजे बंद हो गए। बुधवार को सूर्योदय के बाद ही आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। वहीं अन्नपूर्णा मंदिर, संकट मोचन, दुर्गा मंदिर सहित कई अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन पूजन आज शाम सूर्यग्रहण के मोक्ष के बाद ही दर्शन-पूजन आरंभ हो जाएंगे। इस दौरान बाबा की सप्तर्षि आरती, श्रृंगार भोग आरती, शयन आरती नहीं होगी।

26 अक्तूबर को प्रात: सूर्योदय के पश्चात मोक्ष पूजा एवं मंगला आरती के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शनार्थियों के लिए खोला जाएगा। वहीं अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी ने बताया कि मंदिर के कपाट दो बजे बंद हो गए और शाम को 7:30 बजे कपाट खुल जाएंगे।

संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र ने बताया कि मंदिर का पट भोर में ही मंगला आरती के बाद बंद हो गया था। सूर्य ग्रहण के मोक्षकाल के बाद मंदिर खुलेगा और दर्शन-पूजन शुरू हो जाएगा। 



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here