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ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ के निधन के बाद ब्रिटेन के नए महाराजा प्रिंस चार्ल्स बनाए गए हैं। महारानी की तरह ही ब्रिटेन के नए महाराजा का ताजमहल और आगरा से खास लगाव रहा है। 42 साल पहले 1980 में प्रिंस ऑफ वेल्स ताजमहल का दीदार करने आ चुके हैं, लेकिन परिवार के साथ ताज का दीदार करने की ख्वाहिश अधूरी रही। ताजमहल की यात्रा के एक साल बाद ही प्रिंस चार्ल्स ने लेडी डायना से विवाह कर लिया था और 1992 में दोनों भारत यात्रा पर आए, लेकिन ताजमहल पर लेडी डायना अकेले ही आईं। डायना ने ताजमहल में संगरमरी बेंच पर बैठकर फोटोशूट कराया था। यह बेंच डायना के नाम से मशहूर हो गई। डायना के अकेले ताज आने के बाद से दोनों के बीच तनाव की खबरें प्रचारित हो गईं थीं। उसके बाद से प्रिंस चार्ल्स पत्नी या परिवार के साथ कभी ताज नहीं आ सके। जब डायना ताजमहल आई थीं,तब उन
1980 में प्रिंस चार्ल्स के दौरे को कवर करने वाले स्पीड कलर लैब के संचालक विजय गोयल बताते हैं कि प्रिंस चार्ल्स तब सैन्य क्षेत्र में भारतीय सेना के दमखम और हथियारों के प्रदर्शन को देखने के लिए भी पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने मिलिट्री की ड्रेस पहनी हुई थी। उनके साथ प्रदेश सरकार के तत्कालीन मंत्री अम्मार रिजवी भी मौजूद रहे।
विजय गोयल के मुताबिक ताजमहल के दीदार के बाद प्रिंस चार्ल्स ने फतेहपुर सीकरी और भरतपुर के पक्षी विहार जाकर भी पक्षियों के संसार को निहारा था। दो दिन के दौरे में आगरा के सैन्य क्षेत्र में ही प्रिंस चार्ल्स को दिखाने के लिए एक एंपोरियम ने अपने कारीगरों को भेजकर पच्चीकारी की कला का प्रदर्शन किया था। प्रिंस चार्ल्स को मार्बल पच्चीकारी बेहद पसंद आई थी।
वर्ष 1980 में प्रिंस चार्ल्स जब ताजमहल देखने आए थे तो उन्होंने भी ताजमहल में सेंट्रल टैंक पर उसी संगमरमरी सीट पर बैठकर फोटो खिंचवाए थे, जिस पर 1992 में उनकी पत्नी डायना ने। बाद में वही सीट डायना सीट के नाम से चर्चित हुई।
प्रिंस चार्ल्स ने ताजमहल के दीदार के ठीक एक साल बाद 1981 में डायना से शादी कर ली। 1992 में प्रिंसेज डायना ताजमहल आईं, लेकिन चार्ल्स के बिना। डायना को ताज में यह अकेलापन खूब खला और ताज दौरे के बाद ही प्रिंस से डायना के अलग होने की बातें शुरू हो गईं।
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