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उधर, हत्या की सूचना नीलम ने खुद ही पुलिस को दी। फोन कर पुलिस को उसने बताया था कि दो अज्ञात नकाबपोश बदमाश घर में घुस गए और फिर उसने हमला किया। इसके बाद पहले तो पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन जब अवधेश की मां सुभावनी ने नीलम पर आरोप लगाया तो पुलिस ने जांच शुरू की।
बताया कि उसके पास कोई रास्ता नहीं था, उसे लगा कि बेटी की इज्जत भी चली जाएगी और उसे संपत्ति में हिस्सा भी नहीं मिलेगा। इसी वजह से उसने ऐसा कदम उठाया। उधर, आसपास के लोगों ने बताया कि पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा था। पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। आए दिन मारपीट भी होती थी।
मेरे पास कोई रास्ता नहीं था, पछतावा नहीं
आरोपी नीलम ने बताया कि मेरे पास कोई रास्ता नहीं था। पहले पति की मौत के बाद गृहस्थी बसाने के लिए ही दूसरी शादी की थी। सोची थी कि बेटी की परवरिश हो जाएगी, बेहतर शादी हो जाएगी। लेकिन, शादी के बाद ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। जिस अवधेश को बेटी पिता मानती थी, वही उस पर गलत नजर रखने लगा था। संपत्ति से भी बेदखल करना चाहता था। इस वजह से लगा कि बेटी को न तो परवरिश मिलेगी, न ही संपत्ति। नीलम बोली कि मेरे पास कोई रास्ता नहीं था, मुझे कोई पछतावा नहीं है।
चार भाइयों में सबसे छोटे अवधेश की दूसरी शादी नीलम से रिश्तेदार ने ही कराई थी। नीलम की ननद का पति अवधेश का रिश्तेदार है। अवधेश की पत्नी की मौत के बाद उसने नीलम से शादी का प्रस्ताव रखा। नीलम के पति की पहले ही मौत हो गई थी और वह शादी के लिए तैयार थी। अवधेश भी तैयार हो गया और फिर दोनों परिवारों की सहमति से शादी हो गई।
प्रधानमंत्री आवास में रहता था अवधेश
अवधेश प्रधानमंत्री आवास में रहता था। मकान वाले जमीन के अलावा कुछ खेती योग्य जमीन भी उसके पास थी। इस पर ही नीलम की नजर थी। मगर, जिस तरह से नीलम रोकर आरोप लगा रही थी, उससे पुलिस को भी उसकी बातों पर कुछ यकीन हो गया था।
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