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बेहटामुजावर। शादीपुर गांव के सामने शारदा नहर पुल के पानी निकासी वाले स्थान पर कूड़ा फंस गया। इससे नहर उफना गई और वैरी सहित अन्य आसपास के गांवों में खेत लबाबल हो गए। इसी नहर से निकले माइनर में मुन्नाखेड़ा के पास खांदी कटन गई। दोनों जगहों पर 140 बीघा गेहूं की फसल जलमग्र हो गई। सुबह खेत पहुंचे किसानों के लिए घटना ने मानों वज्रपात कर दिया। अवर अभियंता ने जेसीबी से सफाई और खांदी बंधवाई।
शनिवार रात शारदा नहर में पानी छोड़ा गया। रात में तेजी से आए पानी के साथ कूड़ा शादीपुर गांव के पास नहर पुल में फंस गया। जिसकी वजह से लखनऊ एक्सप्रेसवे तथा गांव वैरी के पास पानी ओवरफ्लो होकर तेजी से नहर किनारे से निकलने लगा। इससे शादीपुर, वैरी और अमानखेड़ा में 60 बीघे में बोई गई गेहूं की फसल में पानी भर गया।
रविवार सुबह ग्रामीण पहुंचे और खेत में पानी भरा देख नहर विभाग कर्मियों को सूचना दी। कर्मियों ने पहुंचकर पुल के पास कूड़ा हटवाना शुरू किया। कूड़ा कम होते ही पानी का बहाव होने लगा और पानी का ओवरफ्लो कम हो गया। वहीं इसी नहर से रामदीनखेड़ा गांव के पास से निकलकर ढोलौवा की तरफ जाने वाला माइनर मुन्नाखेड़ा के पास कूड़ा फंसने से माइनर कट गया। इससे पानी का तेजी से बहाव होने लगा और मुन्नाखेड़ा, गढ़ी, गौरियाकला की 80 बीघा गेहूं की फसल जलमग्र हो गई। किसानों ने माइनर की ठीक से सफाई न करने का आरोप लगाया।
इन किसानों के खेतों में भरा पानी
गौरियाखेड़ा के रामविलास, बाबू, रामप्रसाद, टेकचंद्र, संतोष, अशोक, छंगा व अमानखेड़ा के रामेश्वर, विशुन कुमार, गुड्डू, राजकिशोर, हरिओम, रामकिशोर, राकेश सिंह, याकूब आदि किसानों की करीब 140 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हुई। नहर विभाग के अवर अभियंता संदीप शाह ने बताया कि नहर पुल में फंसे कूड़े को हटवा दिया गया है। जिससे पानी का ओवरफ्लो कम हो गया है। कटे माइनर को जेसीबी से ठीक कराया जा रहा है।
किसानों ने बताई परेशानी
गौरियाकला के किसान हीरालाल ने कहा कि माइनर की सफाई पूरी नहीं कराई गई है। जहां कराई गई वहां खानापूर्ति हुई। इसलिए माइनर कटा है। यदि जल्द पानी नहीं सूखा तो फसल सडऩे लगेगी। वैरी गांव निवासी श्रीकांत द्विवेदी ने कहा कि काफी समय से नहर की सफाई न होने की वजह से इस बार ज्यादा पानी आ गया और पुल में कूड़ा फंस गया। जिससे पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में भर गया।
बेहटामुजावर। शादीपुर गांव के सामने शारदा नहर पुल के पानी निकासी वाले स्थान पर कूड़ा फंस गया। इससे नहर उफना गई और वैरी सहित अन्य आसपास के गांवों में खेत लबाबल हो गए। इसी नहर से निकले माइनर में मुन्नाखेड़ा के पास खांदी कटन गई। दोनों जगहों पर 140 बीघा गेहूं की फसल जलमग्र हो गई। सुबह खेत पहुंचे किसानों के लिए घटना ने मानों वज्रपात कर दिया। अवर अभियंता ने जेसीबी से सफाई और खांदी बंधवाई।
शनिवार रात शारदा नहर में पानी छोड़ा गया। रात में तेजी से आए पानी के साथ कूड़ा शादीपुर गांव के पास नहर पुल में फंस गया। जिसकी वजह से लखनऊ एक्सप्रेसवे तथा गांव वैरी के पास पानी ओवरफ्लो होकर तेजी से नहर किनारे से निकलने लगा। इससे शादीपुर, वैरी और अमानखेड़ा में 60 बीघे में बोई गई गेहूं की फसल में पानी भर गया।
रविवार सुबह ग्रामीण पहुंचे और खेत में पानी भरा देख नहर विभाग कर्मियों को सूचना दी। कर्मियों ने पहुंचकर पुल के पास कूड़ा हटवाना शुरू किया। कूड़ा कम होते ही पानी का बहाव होने लगा और पानी का ओवरफ्लो कम हो गया। वहीं इसी नहर से रामदीनखेड़ा गांव के पास से निकलकर ढोलौवा की तरफ जाने वाला माइनर मुन्नाखेड़ा के पास कूड़ा फंसने से माइनर कट गया। इससे पानी का तेजी से बहाव होने लगा और मुन्नाखेड़ा, गढ़ी, गौरियाकला की 80 बीघा गेहूं की फसल जलमग्र हो गई। किसानों ने माइनर की ठीक से सफाई न करने का आरोप लगाया।
इन किसानों के खेतों में भरा पानी
गौरियाखेड़ा के रामविलास, बाबू, रामप्रसाद, टेकचंद्र, संतोष, अशोक, छंगा व अमानखेड़ा के रामेश्वर, विशुन कुमार, गुड्डू, राजकिशोर, हरिओम, रामकिशोर, राकेश सिंह, याकूब आदि किसानों की करीब 140 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हुई। नहर विभाग के अवर अभियंता संदीप शाह ने बताया कि नहर पुल में फंसे कूड़े को हटवा दिया गया है। जिससे पानी का ओवरफ्लो कम हो गया है। कटे माइनर को जेसीबी से ठीक कराया जा रहा है।
किसानों ने बताई परेशानी
गौरियाकला के किसान हीरालाल ने कहा कि माइनर की सफाई पूरी नहीं कराई गई है। जहां कराई गई वहां खानापूर्ति हुई। इसलिए माइनर कटा है। यदि जल्द पानी नहीं सूखा तो फसल सडऩे लगेगी। वैरी गांव निवासी श्रीकांत द्विवेदी ने कहा कि काफी समय से नहर की सफाई न होने की वजह से इस बार ज्यादा पानी आ गया और पुल में कूड़ा फंस गया। जिससे पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में भर गया।
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