UP: घर में नहीं है कोई पुरुष… बहन ने दी बड़े भाई को गढ़मुक्तेश्वर धाम के ब्रजघाट पर मुखाग्नि

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घर में कोई पुरुष नहीं होने पर बहन ने बड़े भाई को मुखाग्नि दी

घर में कोई पुरुष नहीं होने पर बहन ने बड़े भाई को मुखाग्नि दी
– फोटो : अमर उजाला

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मुरादाबाद के कांठ में लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे नगर के मोहल्ला पटेगंज निवासी वरिष्ठ समाज सेवी कृष्ण कुमार कौशिक का लंबी बीमारी के चलते 68 की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से नगरवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। घर में कोई पुरुष न होने के कारण उनकी छोटी बहन ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की परंपरा को निभाया।

कृष्ण कुमार कौशिक पुत्र देवेंद्र दत्त कौशिक अपने तीन भाई और चार बहनों में दूसरे नंबर के थे। उनके सबसे बड़े भाई शिव कुमार कौशिक, छोटे भाई विजय
कुमार कौशिक और भतीजे की पहले की मृत्यु हो चुकी थी। कौशिक ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर आंदोलन में भी बढ़चढ़ कर भाग लिया था। वह कांठ नगर स्थित
रामकुमार सिंह संस्कृत महाविद्यालय में प्रवक्ता और ऋषिबाल महाविद्यालय में प्राचार्य के पद पर भी रह चुके थे। 

उनके कोई संतान और घर में किसी पुरुष के न होने के कारण सोमवार को उनकी बहन सरिता देवी निवासी प्रयागराज ने गढ़मुक्तेश्वर धाम के ब्रजघाट पर उन्हें मुखाग्नि दी।

यह भी पढ़ें -  Radha Swami Satsang: आस्था के संगम में उमड़े पांच लाख अनुयायी, सुरक्षा चाक-चौबंद, अनुशासन में रहे श्रद्धालु

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मुरादाबाद के कांठ में लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे नगर के मोहल्ला पटेगंज निवासी वरिष्ठ समाज सेवी कृष्ण कुमार कौशिक का लंबी बीमारी के चलते 68 की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से नगरवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। घर में कोई पुरुष न होने के कारण उनकी छोटी बहन ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की परंपरा को निभाया।

कृष्ण कुमार कौशिक पुत्र देवेंद्र दत्त कौशिक अपने तीन भाई और चार बहनों में दूसरे नंबर के थे। उनके सबसे बड़े भाई शिव कुमार कौशिक, छोटे भाई विजय

कुमार कौशिक और भतीजे की पहले की मृत्यु हो चुकी थी। कौशिक ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर आंदोलन में भी बढ़चढ़ कर भाग लिया था। वह कांठ नगर स्थित

रामकुमार सिंह संस्कृत महाविद्यालय में प्रवक्ता और ऋषिबाल महाविद्यालय में प्राचार्य के पद पर भी रह चुके थे। 

उनके कोई संतान और घर में किसी पुरुष के न होने के कारण सोमवार को उनकी बहन सरिता देवी निवासी प्रयागराज ने गढ़मुक्तेश्वर धाम के ब्रजघाट पर उन्हें मुखाग्नि दी।



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